MP Board 9वीं & 11वीं द्वितीय परीक्षा टाइम टेबल 2026
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा कक्षा 9वीं एवं 11वीं की द्वितीय परीक्षा (Second Exam) का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है।
परीक्षाएं जून 2026 में निर्धारित समयानुसार आयोजित होंगी।
MP Board 9th Second Time Table 2026
MP Board 11th Second Time Table 2026
MPBSE Second Exam 2026
9वीं 11वीं द्वितीय टाइम टेबल 2026 PDF
MP Board Second Exam Date 2026
मुख्य जानकारी:
• कक्षा 9वीं परीक्षा: 03 जून 2026 से 12 जून 2026 तक
• कक्षा 11वीं परीक्षा: 03 जून 2026 से 13 जून 2026 तक
• समय: प्रातः 9:00 से 12:00 एवं द्वितीय पाली 1:30 से 4:30
RTE Admission 2026-27 MP: निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश का आधिकारिक आदेश (PDF Download)
राज्य शिक्षा केन्द्र, मध्य प्रदेश ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया और आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों के लिए यह आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
🗓️ महत्वपूर्ण तिथियाँ (Schedule 2026-27)
ऑनलाइन आवेदन: 13 मार्च से 28 मार्च 2026
दस्तावेज सत्यापन: 14 मार्च से 30 मार्च 2026
ऑनलाइन लॉटरी (स्कूल आवंटन): 02 अप्रैल 2026
आवंटित स्कूल में प्रवेश: 03 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026
📄 इस PDF आदेश में क्या-क्या है?
प्रवेश के लिए आवश्यक पात्रता (BPL, SC/ST, दिव्यांग, अनाथ आदि)।
कक्षावार निर्धारित आयु सीमा (नर्सरी, केजी-1, और कक्षा-1 के लिए)।
सत्यापन के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी सूची।
प्रवेश प्रक्रिया के महत्वपूर्ण निर्देश और ऑफलाइन फॉर्म का प्रारूप।
👇 RTE प्रवेश 2026-27 का आधिकारिक आदेश एवं नियम पुस्तिका यहाँ से डाउनलोड करें:
आदेश क्रमांक तथा दिनांक – आदेश क्रमांक/4486/प.स./2026 भोपाल दिनांक 11/03/2026
आदेश का विषय - विषय - मण्डल द्वारा संचालित वर्ष 2026 की द्वितीय परीक्षाओं के परीक्षा कार्यक्रम।
आदेश का विवरण – माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा कक्षा 10वी-12वी द्वितीय परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है, द्वितीय परीक्षा का विवरण इस प्रकार है –
कक्षा 10वीं परीक्षा : 07 मई 2026 से 19 मई 2026
कक्षा 12वीं परीक्षा : 07 मई 2026 से 25 मई2026
परीक्षा का समय : प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक रहेगा।
परीक्षा टाइम टेबल नीचे पीडीएफ में दिया जा रहा है, डिस्प्ले पीडीएफ के नीचे डाउनलोड लिंक दी गई है.
मध्य प्रदेश शिक्षक रिटायरमेंट: 30 जून को नोशनल इंक्रीमेंट का नया नियम
mp-teacher-retirement-nominal-increment-rule
मध्य प्रदेश के शिक्षकों और अन्य लोकसेवकों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। लोक शिक्षण विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2026 को जारी आदेश क्रमांक स्था-1/राज/एफ/128/2025 के अनुसार 30 जून या 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को काल्पनिक वार्षिक वेतन वृद्धि (Nominal Increment) का लाभ दिया जाएगा।
MP teacher retirement
nominal increment mp
30 june retirement rule mp
mp pension update
teacher retirement mp 2026
इस आदेश के तहत पात्र कर्मचारियों की पेंशन निर्धारण में संशोधन किया जाएगा, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
आदेश के मुख्य बिंदु
30 जून / 31 दिसम्बर को रिटायरमेंट लेने वाले कर्मचारियों को 1 अगस्त / 1 जनवरी से नोशनल इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा।
01 मई 2023 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का पुनरीक्षण कर बढ़ी हुई पेंशन का लाभ प्रदान किया जाएगा।
संबंधित कार्यालय प्रमुख या सक्षम अधिकारी द्वारा वेतन वृद्धि स्वीकृत कर पेंशन प्रकरण अपडेट किया जाएगा।
सभी विभागों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश
यह निर्णय विशेष रूप से मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल शिक्षकों के लिए राहत भरा है। इससे 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को पेंशन में अतिरिक्त लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक सुरक्षा बेहतर होगी।
EMS पोर्टल पर अंक प्रविष्टि 2026 : आदेश एवं संपूर्ण प्रक्रिया (PDF डाउनलोड)
EMS PORTAL CLASS 9th - 11th MARKS ENTRY USER MANUAL
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 202526 के लिए कक्षा 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा के अंक EMS (Exam Management System) पोर्टल पर प्रविष्ट करने संबंधी महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
EMS Portal 2026
EMS Portal Marks Entry
MP Education EMS Portal
EMS User Manual PDF
EMS Portal Class Teacher Manual
EMS Portal Exam Incharge Manual
EMS Portal Principal Manual
MP Education Gyan Deep
इस आदेश के अनुसार विद्यालयों को त्रैमासिक, अर्धवार्षिक तथा वार्षिक परीक्षा के अंक EMS पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज (Entry) और Lock करना अनिवार्य होगा।
अंकों की प्रविष्टि में कक्षा शिक्षक, परीक्षा प्रभारी तथा प्राचार्य की अलगअलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं और इसके लिए विस्तृत User Manual भी जारी किया गया है, जिससे स्कूलों को EMS पोर्टल पर कार्य करने में आसानी हो सके।
नीचे दिए गए लिंक से आप आदेश तथा EMS पोर्टल की चरणदरचरण मार्गदर्शिका (User Manual) PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण PDF डाउनलोड
नीचे दिए गए लिंक से आदेश एवं संपूर्ण User Manual PDF डाउनलोड करें:
DPI आदेश: प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों हेतु TET अनिवार्य
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), म.प्र. ने 2 मार्च 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है । सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, अब सेवारत शिक्षकों को पात्रता परीक्षा (TET) पास करना होगा!
लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश का नवीनतम आदेश
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य
बिना TET वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति
शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026
Supreme Court decision on TET exam
DPI order for in-service teachers TET
TET अनिवार्य: आगामी 2 वर्षों के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है ।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति: 2 वर्ष में TET पास न करने पर (यदि सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक शेष है), अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है ।
पदोन्नति: पदोन्नति चाहने वाले शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य है ।
संभावित परीक्षा: अगली पात्रता परीक्षा जुलाई-अगस्त 2026 में संभावित है ।
MP Board Class 10 Hindi Model Paper Set D अभ्यास पेपर है। यह पेपर विद्यार्थियों को कम अंक वाले प्रश्नपत्र पैटर्न में महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने में सहायता करता है।
मुख्य जानकारी
विषय: हिन्दी
कक्षा: 10वीं (MP Board)
पेपर सेट: Set D
पूर्णांक: 75 अंक
मॉडल पेपर की विशेषताएँ
नवीनतम सिलेबस पर आधारित
बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुरूप
महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न शामिल
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision) हेतु उपयोगी
स्वमूल्यांकन (Self-Assessment) में सहायक
विद्यार्थियों के लिए लाभ
कम समय में प्रभावी अभ्यास
अंक वितरण की स्पष्ट समझ
परीक्षा के लिए आत्मविश्वास में वृद्ध
कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर (नवीनतम पैटर्न पर आधारित)
Hindi Model Paper 10th (Set-D) - Sandipani Vidyalaya
Class 10th Hindi Model Paper Set D
(मॉडल पेपर: सेट-D)
कक्षा 10वीं - हिन्दी
Created by : D Septa | पूर्णांक: 75 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (30 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'परशुराम-लक्ष्मण संवाद' में 'भृगुकुलकेतु' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(अ) राम के लिए(ब) लक्ष्मण के लिए(स) परशुराम के लिए(द) विश्वामित्र के लिए
👉 (स) परशुराम के लिए
विवरण: 'भृगुकुलकेतु' का अर्थ है भृगु वंश की पताका (ध्वज), जो परशुराम जी के लिए कहा गया है।
(ii) 'संगतकार' का स्वर मुख्य गायक के स्वर में क्यों मिल जाता है? समझ आधारित
(अ) उसे नीचा दिखाने के लिए(ब) अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए(स) मुख्य गायक के स्वर को बल प्रदान करने के लिए(द) गाना सीखने के लिए
👉 (स) मुख्य गायक के स्वर को बल प्रदान करने के लिए
विवरण: संगतकार का उद्देश्य मुख्य गायक का साथ देना और उसके स्वर को बिखरने से बचाना होता है, न कि स्वयं को श्रेष्ठ दिखाना।
(iii) 'विभत्स रस' का स्थायी भाव है:
(अ) भय(ब) जुगुप्सा (घृणा)(स) क्रोध(द) विस्मय
👉 (ब) जुगुप्सा (घृणा)
विवरण: घिनौनी वस्तुओं को देखकर मन में जो घृणा का भाव उत्पन्न होता है, वह विभत्स रस है।
(iv) 'दशानन' में कौन सा समास है?
(अ) कर्मधारय(ब) द्विगु(स) बहुव्रीहि(द) द्वंद्व
👉 (स) बहुव्रीहि
विवरण: दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके (अर्थात रावण)। यहाँ तीसरा अर्थ प्रधान है।
(v) कथन (A): हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन कस्बे से गुजरते थे। कारण (R): वे पान खाने के बहुत शौकीन थे। कथन-कारण
(अ) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या है।(ब) A सही है, लेकिन R गलत है (व्याख्या के संदर्भ में)।(स) A गलत है, R सही है।(द) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R सही व्याख्या नहीं है।
👉 (द) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R सही व्याख्या नहीं है।
विवरण: हालदार साहब 'कंपनी के काम' के सिलसिले में कस्बे से गुजरते थे (सही कारण)। पान खाना उनकी आदत थी, लेकिन गुजरने का मुख्य कारण नहीं।
(vi) 'लेखिका मन्नू भंडारी' के पिता का स्वभाव कैसा था?
(अ) उदार और दयालु(ब) क्रोधी और शक्की(स) हँसमुख(द) शांत
👉 (ब) क्रोधी और शक्की
विवरण: आर्थिक तंगी और अपनों के विश्वासघात के कारण उनके पिता का स्वभाव क्रोधी और शक्की हो गया था।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'छायावाद' के कवि ________ हैं। (पंत / जायसी)
पंत (सुमित्रानंदन पंत)
विवरण: सुमित्रानंदन पंत छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। जायसी भक्तिकाल के कवि हैं।
(ii) 'बालगोबिन भगत' की मौत उन्हीं के ________ हुई। (अनुरूप / विपरीत)
अनुरूप
विवरण: वे जैसा चाहते थे (गाते-बजाते, बिना किसी सेवा के भार के), वैसी ही शांत मृत्यु उन्हें मिली।
(iii) 'संधि' के ________ भेद होते हैं। (दो / तीन)
तीन
विवरण: स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
(iv) 'गंतोक' का अर्थ है ________। (पहाड़ / नदी)
पहाड़
विवरण: सिक्किम की स्थानीय भाषा में गंतोक (गैंटोक) का अर्थ पहाड़ होता है।
(v) 'फागुन' की आभा ________ नहीं रही है। (अट / सट)
अट
विवरण: 'अट नहीं रही है' कविता में कवि कहते हैं कि फागुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह प्रकृति में समा नहीं पा रही है।
(vi) 'संचारी भाव' को ________ भी कहते हैं। (व्यभिचारी भाव / स्थायी भाव)
व्यभिचारी भाव
विवरण: क्योंकि ये भाव पानी के बुलबुले की तरह बनते-मिटते रहते हैं और स्थायी नहीं होते।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'सीता स्वयंवर' में परशुराम जी पधारे थे।
सत्य
विवरण: शिव धनुष के टूटने की टंकार सुनकर परशुराम जी क्रोधित होकर स्वयंवर सभा में आए थे।
(ii) 'एक कहानी यह भी' मन्नू भंडारी की जीवनी है।
असत्य
विवरण: यह उनकी 'आत्मकथा' (Autobiography) है, जीवनी नहीं (जो दूसरे के द्वारा लिखी जाती है)।
(iii) 'क्रिया विशेषण' से संज्ञा की विशेषता का पता चलता है।
असत्य
विवरण: क्रिया विशेषण 'क्रिया' (Verb) की विशेषता बताते हैं, संज्ञा की नहीं।
(iv) 'भोलानाथ' को मैया ने कन्हैया जैसा बना दिया था।
सत्य
विवरण: माँ उसे नहला-धुलाकर, तेल लगाकर, चोटी गूंथकर और रंगीन कुर्ता-टोपी पहनाकर कन्हैया बना देती थी।
(v) 'शृंगार रस' का स्थायी भाव रति है।
सत्य
विवरण: रति (प्रेम) शृंगार रस का आधार है।
(vi) 'नौबतखाने में इबादत' यतीन्द्र मिश्र की रचना है।
सत्य
विवरण: यह पाठ प्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्ला खाँ पर लिखा गया व्यक्तिचित्र है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×6 = 6 अंक)
(i) नागार्जुन -> (क) ककड़ी-खीरा
(ii) संस्कृति -> (ख) यशपाल
(iii) लखनवी अंदाज -> (ग) आधुनिक कबीर
(iv) बालम खीरा -> (घ) भदंत आनंद कौसल्यायन
(v) उपमा अलंकार -> (ङ) सा, सी, से, सम
(vi) मैं क्यों लिखता हूँ -> (च) अज्ञेय
सही मिलान:
1. नागार्जुन → (ग) आधुनिक कबीर (जनकवि होने के कारण)
2. संस्कृति → (ख) भदंत आनंद कौसल्यायन (लेखक)
3. लखनवी अंदाज → (ख) यशपाल (लेखक)
4. बालम खीरा → (क) ककड़ी-खीरा (रेलवे स्टेशन पर बिकने वाला)
5. उपमा अलंकार → (ङ) सा, सी, से, सम (वाचक शब्द)
6. मैं क्यों लिखता हूँ → (च) अज्ञेय (लेखक)
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'फसल' कविता में फसल किसका परिणाम है?
नदियों के पानी, सूर्य की किरणों और मनुष्य के श्रम का।
(ii) 'वाक्य' के कितने अंग होते हैं?
दो (उद्देश्य और विधेय)
(iii) 'माता का अँचल' पाठ के लेखक कौन हैं?
शिवपूजन सहाय
(iv) 'मूर्तिकार' ने नाक के लिए पत्थर कहाँ-कहाँ ढूँढा?
पूरे हिंदुस्तान के पहाड़ों और खानों में।
(v) 'चौराहा' में कौन सा समास है?
द्विगु समास (चार राहों का समूह)
(vi) 'अज्ञेय' ने जापान में क्या देखा?
हिरोशिमा में हुए परमाणु विस्फोट के अवशेष और प्रभाव।
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. 'प्रगतिवाद' की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
सूरदास का भावपक्ष लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. शोषकों के प्रति विद्रोह: प्रगतिवादी कवि पूँजीपतियों और शोषक वर्ग के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
2. शोषितों के प्रति सहानुभूति: गरीबों, मजदूरों और किसानों की दुर्दशा का यथार्थ चित्रण किया गया है।
उत्तर (अथवा):
सूरदास वात्सल्य और श्रृंगार रस के सम्राट हैं। उनकी रचनाओं में कृष्ण के बाल रूप और गोपियों के अनन्य प्रेम का सजीव और मार्मिक चित्रण मिलता है। उनकी भक्ति सखा भाव की है।
प्र.7. 'परशुराम' ने अपनी विशेषताओं का बखान कैसे किया?
अथवा
कवि 'निराला' बादलों से क्या प्रार्थना करते हैं?
उत्तर (मुख्य):
परशुराम ने कहा कि मैं बाल ब्रह्मचारी और अत्यंत क्रोधी हूँ। मैं क्षत्रिय कुल का शत्रु हूँ और मैंने अपनी भुजाओं के बल पर धरती को कई बार राजाओं से हीन करके ब्राह्मणों को दान कर दिया है। मेरा फरसा गर्भ के बच्चों का भी नाश करने वाला है।
उत्तर (अथवा):
कवि निराला बादलों से प्रार्थना करते हैं कि वे रिमझिम बरसने के बजाय 'गरजें' और पूरे आकाश को घेर लें। वे चाहते हैं कि बादल अपनी गर्जना से लोगों में उत्साह और क्रांति का संचार करें और भीषण गर्मी से तप्त धरती को शीतलता प्रदान करें।
प्र.8. 'खंडकाव्य' की परिभाषा एवं एक उदाहरण लिखिए।
अथवा
शांत रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य): परिभाषा: खंडकाव्य में जीवन के किसी एक पक्ष या एक घटना का चित्रण होता है। इसमें पूरी कथा नहीं होती, पर यह अपने आप में पूर्ण होता है। उदाहरण: 'पंचवटी' (मैथिलीशरण गुप्त)।
उत्तर (अथवा):
संसार की नश्वरता और वैराग्य के भाव से मन में जो शांति उत्पन्न होती है, उसे शांत रस कहते हैं। इसका स्थायी भाव 'निर्वेद' है। उदाहरण: "मन रे तन कागद का पुतला। लागै बूँद बिनसि जाय छिन में, गर्व करै क्या इतना।"
प्र.9. कैप्टन की मृत्यु का समाचार देते वक्त पानवाला उदास क्यों हो गया?
अथवा
बिस्मिल्ला खाँ को 'भारत रत्न' कब मिला? वे रियाज के लिए कहाँ जाते थे?
उत्तर (मुख्य):
भले ही पानवाला कैप्टन का मजाक उड़ाता था, लेकिन मन ही मन वह उसकी देशभक्ति का सम्मान करता था। कैप्टन की मृत्यु से उसे महसूस हुआ कि कस्बे से एक सच्चा देशभक्त चला गया। यह आत्मीयता और दुख उसे उदास कर गई और उसकी आँखों में आँसू आ गए।
उत्तर (अथवा):
बिस्मिल्ला खाँ को 2001 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। वे रियाज (अभ्यास) के लिए अक्सर बालाजी मंदिर (गंगा किनारे) जाते थे, जहाँ एकांत में वे शहनाई बजाते थे।
प्र.10. 'निबंध' किसे कहते हैं? बाबू गुलाबराय के अनुसार परिभाषा लिखिए।
अथवा
नाटक के तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
बाबू गुलाबराय के अनुसार - "निबंध उस गद्य रचना को कहते हैं जिसमें एक सीमित आकार के भीतर, किसी विषय का वर्णन या प्रतिपादन एक विशेष निजीपन, स्वच्छंदता, सजीवता और सुसंबद्धता के साथ किया गया हो।"
उत्तर (अथवा):
नाटक के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:
1. कथावस्तु, 2. पात्र एवं चरित्र चित्रण, 3. संवाद (कथोपकथन), 4. देशकाल एवं वातावरण, 5. भाषा-शैली, 6. उद्देश्य, 7. अभिनयता (रंगमंच)।
प्र.11. 'स्वयं प्रकाश' की दो रचनाएँ लिखिए।
अथवा
संधि किसे कहते हैं? इसके भेदों के नाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. 'सूरज कब निकलेगा' (कहानी संग्रह)
2. 'आएंगे अच्छे दिन भी' (कहानी संग्रह)
उत्तर (अथवा):
दो वर्णों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। भेद: 1. स्वर संधि, 2. व्यंजन संधि, 3. विसर्ग संधि।
प्र.12. 'साना-साना हाथ जोड़ि' में 'जितेंन नार्गे' की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
अथवा
भोलानाथ और उसके साथी खेल के लिए सामग्री कहाँ से जुटाते थे?
उत्तर (मुख्य):
जितेंन नार्गे लेखिका का ड्राइवर कम गाइड था। वह स्थानीय निवासी था, इसलिए उसे सिक्किम की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति का अच्छा ज्ञान था। उसने लेखिका को न केवल घुमाया, बल्कि वहां के जनजीवन, कठिनाइयों और मान्यताओं से भी परिचित कराया।
उत्तर (अथवा):
भोलानाथ और उसके साथी अपने खेल के लिए घर की टूटी-फूटी और बेकार चीजों का उपयोग करते थे। जैसे - मिट्टी के बर्तन, टूटे घड़े के टुकड़े (ठीकरे), दियासलाई की डिब्बियाँ, पत्ते, और धूल-मिट्टी। वे इन्हीं से मिठाई की दुकान या भोज का आयोजन करते थे।
प्र.13. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार बदलिए: 1. राम पुस्तक पढ़ता है। (कर्मवाच्य में) 2. वह कल आएगा। (निषेधवाचक में)
अथवा
'लोकोक्ति' की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।
2. वह कल नहीं आएगा।
उत्तर (अथवा): परिभाषा: लोकोक्ति (लोक + उक्ति) वह कथन है जो लोक जीवन के लंबे अनुभव पर आधारित होता है और स्वतंत्र रूप से प्रयोग किया जाता है। उदाहरण: "नाच न जाने आँगन टेढ़ा" (काम न आने पर बहाने बनाना)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.18. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।"
अथवा
भावार्थ लिखिए: "अट नहीं रही है आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: यह चौपाई 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' (तुलसीदास) से ली गई है।
प्रसंग: शिव धनुष टूटने पर क्रोधित परशुराम से राम विनम्रतापूर्वक बात कर रहे हैं।
व्याख्या: श्रीराम कहते हैं - "हे नाथ! शिवजी के धनुष को तोड़ने वाला आपका ही कोई एक दास होगा। आपकी क्या आज्ञा है? आप मुझसे क्यों नहीं कहते?" राम के ये शांत वचन सुनकर क्रोधी मुनि (परशुराम) और अधिक क्रोधित होकर बोले...
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: कविता 'अट नहीं रही है', कवि 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' ।
भावार्थ: कवि कहते हैं कि फागुन मास की सुंदरता इतनी अधिक और व्यापक है कि वह प्रकृति में समा नहीं पा रही है। चारों ओर फूल खिले हैं, हवा सुगंधित है, और यह मादकता इतनी ज्यादा है कि तन-मन में भी नहीं समा रही है (सट नहीं रही है)। प्रकृति का कोना-कोना उल्लास से भर गया है।
प्र.19. गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "काशी संस्कृति की पाठशाला है... शास्त्रों में काशी 'आनंदकानन' के नाम से प्रतिष्ठित है। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में विश्वनाथ हैं, जगदंबा हैं।"
अथवा
गद्यांश का आशय: "आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज थी। शायद पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। सुई-धागे की खोज शायद शरीर को सजाने की प्रवृत्ति का परिणाम रही होगी।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ 'नौबतखाने में इबादत', लेखक 'यतीन्द्र मिश्र' ।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि काशी (वाराणसी) भारतीय संस्कृति का केंद्र है, जहाँ धर्म, संगीत और कला का संगम है। शास्त्रों में इसे आनंद का वन (आनंदकानन) कहा गया है। यहाँ बाबा विश्वनाथ (शिव) का मंदिर है, और यहीं संगीत के साधक बिस्मिल्ला खाँ हैं। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल काशी, धर्म और कला दोनों को अपने में समेटे हुए है।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: पाठ 'संस्कृति', लेखक 'भदंत आनंद कौसल्यायन' ।
आशय: लेखक मानव सभ्यता के विकास के मूल कारणों की खोज कर रहे हैं। वे कहते हैं कि मनुष्य ने आग की खोज इसलिए की होगी क्योंकि उसे भूख मिटानी थी और भोजन पकाना था। इसी तरह, सुई-धागे का आविष्कार तन को ढकने और सुंदर दिखने की इच्छा से हुआ होगा। आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है और यही संस्कृति का आधार है।
प्र.20. 'मेरा विद्यालय' विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए।
अथवा
बाजार में बढ़ते प्लास्टिक के उपयोग पर दो महिलाओं के बीच संवाद लिखिए।
उत्तर (अनुच्छेद - मेरा विद्यालय):
मेरे विद्यालय का नाम 'सांदीपनि विद्यालय' है। यह शहर के शोरगुल से दूर एक शांत वातावरण में स्थित है। विद्यालय का भवन विशाल और हवादार है। इसमें लगभग 20 कमरे, एक बड़ा खेल का मैदान और एक समृद्ध पुस्तकालय है। हमारे प्रधानाचार्य बहुत अनुशासन प्रिय और विद्वान हैं। शिक्षक हमें पुत्रवत स्नेह से पढ़ाते हैं। यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाता है। मुझे अपने विद्यालय पर बहुत गर्व है।
उत्तर (संवाद):
सुनीता: अरे अनीता! सब्जी लेने आई हो? थैला नहीं लाई?
अनीता: भूल गई थी। भैया से प्लास्टिक की थैली मांग ली।
सुनीता: अनीता, यह ठीक नहीं है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए जहर है। यह न तो सड़ता है और न ही खत्म होता है।
अनीता: बात तो सच है। गायें भी इसे खाकर बीमार पड़ जाती हैं।
सुनीता: इसीलिए हमें कपड़े के थैले का इस्तेमाल करना चाहिए।
अनीता: तुम सही कह रही हो। मैं आज से ही कपड़े का थैला साथ रखूँगी।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.21. अपठित गद्यांश: "स्वावलंबन का अर्थ है - अपना सहारा स्वयं बनना। किसी दूसरे पर बोझ न बनकर अपने पैरों पर खड़ा होना। स्वावलंबी व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) स्वावलंबी व्यक्ति समाज में क्या पाता है?
(ग) 'सम्मान' का विलोम लिखिए।
(घ) सारांश लिखिए।
अथवा
अपठित काव्यांश: "चींटी को देखो, वह सरल विरल काली रेखा, तम के तागे सी जो हिल-डुल, चलती लघुपद पल-पल मिल-जुल..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) चींटी कैसे चलती है?
(ग) 'तम' का अर्थ क्या है?
(घ) भावार्थ लिखिए।
उत्तर (गद्यांश):
(क) शीर्षक: स्वावलंबन / आत्मनिर्भरता।
(ख) उत्तर: स्वावलंबी व्यक्ति समाज में 'सम्मान' पाता है।
(ग) विलोम: अपमान।
(घ) सारांश: स्वावलंबन का अर्थ आत्मनिर्भर होना है। जो व्यक्ति दूसरों पर निर्भर नहीं रहता, वह आत्मविश्वासी और सुखी होता है। समाज ऐसे व्यक्ति का आदर करता है। उन्नति के लिए स्वावलंबी होना आवश्यक है।
उत्तर (काव्यांश):
(क) शीर्षक: चींटी / कर्मठता।
(ख) उत्तर: चींटी अपने छोटे-छोटे पैरों से पल-पल मिलकर और कतार बनाकर चलती है।
(ग) अर्थ: अँधेरा / काला रंग।
(घ) भावार्थ: कवि पंत जी चींटी की कर्मठता का वर्णन करते हैं। चींटी एक छोटा सा जीव है, लेकिन वह निरंतर कार्य करती है, मिल-जुलकर चलती है और कभी हार नहीं मानती। यह मनुष्यों के लिए प्रेरणा है।
प्र.22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को 'खेल सामग्री' उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना पत्र लिखिए।
अथवा
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने पर अपनी छोटी बहन को बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
सेवा में, श्रीमान प्राचार्य महोदय, सांदीपनि विद्यालय, बड़वानी। विषय: खेल सामग्री उपलब्ध कराने बाबत।
महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का खेल सचिव (Sports Secretary) हूँ। हमारे विद्यालय में आगामी खेल प्रतियोगिताएँ होने वाली हैं, किंतु हमारे खेल कक्ष में क्रिकेट के बल्ले, फुटबॉल और वॉलीबॉल नेट की कमी है। पुरानी सामग्री टूट-फूट गई है। इससे छात्रों को अभ्यास करने में असुविधा हो रही है। अतः आपसे प्रार्थना है कि शीघ्र ही नई खेल सामग्री उपलब्ध कराने की कृपा करें ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
कल ही पिताजी का पत्र मिला। यह जानकर मेरा मन खुशी से भर गया कि तुमने विद्यालय की अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह तुम्हारी वाकपटुता और मेहनत का परिणाम है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है। मेरी ओर से तुम्हें ढेर सारी बधाई। इसी तरह आगे बढ़ती रहो। मैं अगली छुट्टियों में घर आऊंगा तो तुम्हारे लिए एक उपहार लाऊंगा।
तुम्हारा भाई, संदीप
प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. पर्यावरण प्रदूषण
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. प्रदूषण के प्रकार, 3. कारण, 4. प्रभाव, 5. निवारण के उपाय, 6. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: आज मानव के सामने सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण प्रदूषण की है। हवा, पानी और मिट्टी का अवांछित तत्वों से दूषित हो जाना प्रदूषण कहलाता है।
2. प्रकार: वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, मृदा प्रदूषण।
3. कारण: औद्योगीकरण, वाहनों का धुआँ, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, और प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग।
4. प्रभाव: प्रदूषण से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, मौसम चक्र बिगड़ रहा है और नई-नई बीमारियाँ (जैसे अस्थमा, कैंसर) फैल रही हैं।
5. निवारण: हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए। कारखानों को शहरों से दूर स्थापित करना चाहिए।
6. उपसंहार: यदि हमने अभी पर्यावरण की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरती रहने लायक नहीं बचेगी। "पृथ्वी को बचाना है, प्रदूषण को हटाना है।"
2. विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अनुशासन का अर्थ, 3. विद्यार्थी जीवन में महत्व, 4. अनुशासनहीनता के कारण, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। उनके चरित्र निर्माण के लिए अनुशासन उतना ही आवश्यक है जितना शरीर के लिए भोजन।
2. अर्थ: अनुशासन का अर्थ है - 'नियमों का पालन करना' और 'स्वयं पर नियंत्रण रखना' (आत्म-अनुशासन)।
3. महत्व: अनुशासित विद्यार्थी समय का सदुपयोग करता है। वह बड़ों का आदर करता है और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है। सफलता की पहली सीढ़ी अनुशासन ही है।
4. अनुशासनहीनता: आज छात्रों में अनुशासन की कमी देखी जा रही है। इसका कारण नैतिक शिक्षा की कमी, टीवी/मोबाइल का दुष्प्रभाव और गलत संगत है।
5. उपसंहार: एक अनुशासित छात्र ही आदर्श नागरिक बन सकता है। विद्यालयों और अभिभावकों को मिलकर छात्रों में अनुशासन की भावना जगाने का प्रयास करना चाहिए।
3. विज्ञान के चमत्कार
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान, 3. संचार और यातायात, 4. विज्ञान एक अभिशाप, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: "आज का युग विज्ञान का युग है।" सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम विज्ञान की बनाई चीजों का ही उपयोग करते हैं।
2. विभिन्न क्षेत्रों में: बिजली ने अंधेरे को दूर किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने मृत्यु दर को कम किया है और असाध्य रोगों का इलाज ढूंढा है। कृषि में नई तकनीकों से पैदावार बढ़ी है।
3. संचार और यातायात: मोबाइल और इंटरनेट ने दुनिया को छोटा कर दिया है। हम हजारों मील दूर बैठे व्यक्ति से बात कर सकते हैं। हवाई जहाज ने महीनों का सफर घंटों में बदल दिया है।
4. अभिशाप: विज्ञान के दुरुपयोग से परमाणु बम बने हैं जो पूरी मानवता को नष्ट कर सकते हैं। प्रदूषण और बेरोजगारी भी विज्ञान की देन हैं।
5. उपसंहार: विज्ञान एक अच्छा सेवक है लेकिन बुरा स्वामी। यदि हम इसका सही उपयोग करें तो यह वरदान है, अन्यथा अभिशाप।
4. मेरे सपनों का भारत
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अतीत का गौरव, 3. वर्तमान समस्याएँ, 4. कैसा हो मेरा भारत, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: भारत एक महान देश है। मुझे भारतीय होने पर गर्व है। लेकिन मैं एक ऐसे भारत का सपना देखता हूँ जो हर तरह से संपन्न और सुखी हो।
2. समस्याओं से मुक्त: मेरे सपनों के भारत में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का नामोनिशान न हो। यहाँ जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई न हो।
3. शिक्षित और स्वच्छ: मैं चाहता हूँ कि भारत का हर नागरिक शिक्षित हो। देश में स्वच्छता हो और हर गाँव में बिजली-पानी की सुविधा हो। महिलाएँ सुरक्षित हों और उनका सम्मान हो।
4. आत्मनिर्भर: मेरा भारत विज्ञान और तकनीक में दुनिया में सबसे आगे हो। हम अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।
5. उपसंहार: मेरे सपनों का भारत 'विश्व गुरु' बने। इसे साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कड़ी मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करना होगा।
इस पोस्ट में दिए गए प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक एवं अभ्यास उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। यह मॉडल पेपर संभावित प्रश्नों पर आधारित है तथा बोर्ड परीक्षा में इन्हीं प्रश्नों के आने की कोई गारंटी नहीं है।
उत्तर उपलब्ध पाठ्यपुस्तक एवं सिलेबस के आधार पर तैयार किए गए हैं। अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए विद्यार्थी अधिकृत पाठ्यपुस्तक एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।
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