EMS पोर्टल पर अंक प्रविष्टि 2026 : आदेश एवं संपूर्ण प्रक्रिया (PDF डाउनलोड)
EMS PORTAL CLASS 9th - 11th MARKS ENTRY USER MANUAL
लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 202526 के लिए कक्षा 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षा के अंक EMS (Exam Management System) पोर्टल पर प्रविष्ट करने संबंधी महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
EMS Portal 2026
EMS Portal Marks Entry
MP Education EMS Portal
EMS User Manual PDF
EMS Portal Class Teacher Manual
EMS Portal Exam Incharge Manual
EMS Portal Principal Manual
MP Education Gyan Deep
इस आदेश के अनुसार विद्यालयों को त्रैमासिक, अर्धवार्षिक तथा वार्षिक परीक्षा के अंक EMS पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज (Entry) और Lock करना अनिवार्य होगा।
अंकों की प्रविष्टि में कक्षा शिक्षक, परीक्षा प्रभारी तथा प्राचार्य की अलगअलग जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं और इसके लिए विस्तृत User Manual भी जारी किया गया है, जिससे स्कूलों को EMS पोर्टल पर कार्य करने में आसानी हो सके।
नीचे दिए गए लिंक से आप आदेश तथा EMS पोर्टल की चरणदरचरण मार्गदर्शिका (User Manual) PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण PDF डाउनलोड
नीचे दिए गए लिंक से आदेश एवं संपूर्ण User Manual PDF डाउनलोड करें:
DPI आदेश: प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों हेतु TET अनिवार्य
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), म.प्र. ने 2 मार्च 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है । सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, अब सेवारत शिक्षकों को पात्रता परीक्षा (TET) पास करना होगा!
लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश का नवीनतम आदेश
प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य
बिना TET वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति
शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026
Supreme Court decision on TET exam
DPI order for in-service teachers TET
TET अनिवार्य: आगामी 2 वर्षों के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है ।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति: 2 वर्ष में TET पास न करने पर (यदि सेवानिवृत्ति में 5 वर्ष से अधिक शेष है), अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है ।
पदोन्नति: पदोन्नति चाहने वाले शिक्षकों के लिए भी TET अनिवार्य है ।
संभावित परीक्षा: अगली पात्रता परीक्षा जुलाई-अगस्त 2026 में संभावित है ।
MP Board Class 10 Hindi Model Paper Set D अभ्यास पेपर है। यह पेपर विद्यार्थियों को कम अंक वाले प्रश्नपत्र पैटर्न में महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी करने में सहायता करता है।
मुख्य जानकारी
विषय: हिन्दी
कक्षा: 10वीं (MP Board)
पेपर सेट: Set D
पूर्णांक: 75 अंक
मॉडल पेपर की विशेषताएँ
नवीनतम सिलेबस पर आधारित
बोर्ड परीक्षा पैटर्न के अनुरूप
महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न शामिल
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision) हेतु उपयोगी
स्वमूल्यांकन (Self-Assessment) में सहायक
विद्यार्थियों के लिए लाभ
कम समय में प्रभावी अभ्यास
अंक वितरण की स्पष्ट समझ
परीक्षा के लिए आत्मविश्वास में वृद्ध
कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर (नवीनतम पैटर्न पर आधारित)
Hindi Model Paper 10th (Set-D) - Sandipani Vidyalaya
Class 10th Hindi Model Paper Set D
(मॉडल पेपर: सेट-D)
कक्षा 10वीं - हिन्दी
Created by : D Septa | पूर्णांक: 75 | समय: 3 घंटे
खण्ड अ: वस्तुनिष्ठ प्रश्न (30 अंक)
प्र.1. सही विकल्प चुनकर लिखिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'परशुराम-लक्ष्मण संवाद' में 'भृगुकुलकेतु' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(अ) राम के लिए(ब) लक्ष्मण के लिए(स) परशुराम के लिए(द) विश्वामित्र के लिए
👉 (स) परशुराम के लिए
विवरण: 'भृगुकुलकेतु' का अर्थ है भृगु वंश की पताका (ध्वज), जो परशुराम जी के लिए कहा गया है।
(ii) 'संगतकार' का स्वर मुख्य गायक के स्वर में क्यों मिल जाता है? समझ आधारित
(अ) उसे नीचा दिखाने के लिए(ब) अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए(स) मुख्य गायक के स्वर को बल प्रदान करने के लिए(द) गाना सीखने के लिए
👉 (स) मुख्य गायक के स्वर को बल प्रदान करने के लिए
विवरण: संगतकार का उद्देश्य मुख्य गायक का साथ देना और उसके स्वर को बिखरने से बचाना होता है, न कि स्वयं को श्रेष्ठ दिखाना।
(iii) 'विभत्स रस' का स्थायी भाव है:
(अ) भय(ब) जुगुप्सा (घृणा)(स) क्रोध(द) विस्मय
👉 (ब) जुगुप्सा (घृणा)
विवरण: घिनौनी वस्तुओं को देखकर मन में जो घृणा का भाव उत्पन्न होता है, वह विभत्स रस है।
(iv) 'दशानन' में कौन सा समास है?
(अ) कर्मधारय(ब) द्विगु(स) बहुव्रीहि(द) द्वंद्व
👉 (स) बहुव्रीहि
विवरण: दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके (अर्थात रावण)। यहाँ तीसरा अर्थ प्रधान है।
(v) कथन (A): हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन कस्बे से गुजरते थे। कारण (R): वे पान खाने के बहुत शौकीन थे। कथन-कारण
(अ) A और R दोनों सही हैं, R सही व्याख्या है।(ब) A सही है, लेकिन R गलत है (व्याख्या के संदर्भ में)।(स) A गलत है, R सही है।(द) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R सही व्याख्या नहीं है।
👉 (द) A और R दोनों सही हैं, लेकिन R सही व्याख्या नहीं है।
विवरण: हालदार साहब 'कंपनी के काम' के सिलसिले में कस्बे से गुजरते थे (सही कारण)। पान खाना उनकी आदत थी, लेकिन गुजरने का मुख्य कारण नहीं।
(vi) 'लेखिका मन्नू भंडारी' के पिता का स्वभाव कैसा था?
(अ) उदार और दयालु(ब) क्रोधी और शक्की(स) हँसमुख(द) शांत
👉 (ब) क्रोधी और शक्की
विवरण: आर्थिक तंगी और अपनों के विश्वासघात के कारण उनके पिता का स्वभाव क्रोधी और शक्की हो गया था।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'छायावाद' के कवि ________ हैं। (पंत / जायसी)
पंत (सुमित्रानंदन पंत)
विवरण: सुमित्रानंदन पंत छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। जायसी भक्तिकाल के कवि हैं।
(ii) 'बालगोबिन भगत' की मौत उन्हीं के ________ हुई। (अनुरूप / विपरीत)
अनुरूप
विवरण: वे जैसा चाहते थे (गाते-बजाते, बिना किसी सेवा के भार के), वैसी ही शांत मृत्यु उन्हें मिली।
(iii) 'संधि' के ________ भेद होते हैं। (दो / तीन)
तीन
विवरण: स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
(iv) 'गंतोक' का अर्थ है ________। (पहाड़ / नदी)
पहाड़
विवरण: सिक्किम की स्थानीय भाषा में गंतोक (गैंटोक) का अर्थ पहाड़ होता है।
(v) 'फागुन' की आभा ________ नहीं रही है। (अट / सट)
अट
विवरण: 'अट नहीं रही है' कविता में कवि कहते हैं कि फागुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह प्रकृति में समा नहीं पा रही है।
(vi) 'संचारी भाव' को ________ भी कहते हैं। (व्यभिचारी भाव / स्थायी भाव)
व्यभिचारी भाव
विवरण: क्योंकि ये भाव पानी के बुलबुले की तरह बनते-मिटते रहते हैं और स्थायी नहीं होते।
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'सीता स्वयंवर' में परशुराम जी पधारे थे।
सत्य
विवरण: शिव धनुष के टूटने की टंकार सुनकर परशुराम जी क्रोधित होकर स्वयंवर सभा में आए थे।
(ii) 'एक कहानी यह भी' मन्नू भंडारी की जीवनी है।
असत्य
विवरण: यह उनकी 'आत्मकथा' (Autobiography) है, जीवनी नहीं (जो दूसरे के द्वारा लिखी जाती है)।
(iii) 'क्रिया विशेषण' से संज्ञा की विशेषता का पता चलता है।
असत्य
विवरण: क्रिया विशेषण 'क्रिया' (Verb) की विशेषता बताते हैं, संज्ञा की नहीं।
(iv) 'भोलानाथ' को मैया ने कन्हैया जैसा बना दिया था।
सत्य
विवरण: माँ उसे नहला-धुलाकर, तेल लगाकर, चोटी गूंथकर और रंगीन कुर्ता-टोपी पहनाकर कन्हैया बना देती थी।
(v) 'शृंगार रस' का स्थायी भाव रति है।
सत्य
विवरण: रति (प्रेम) शृंगार रस का आधार है।
(vi) 'नौबतखाने में इबादत' यतीन्द्र मिश्र की रचना है।
सत्य
विवरण: यह पाठ प्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्ला खाँ पर लिखा गया व्यक्तिचित्र है।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×6 = 6 अंक)
(i) नागार्जुन -> (क) ककड़ी-खीरा
(ii) संस्कृति -> (ख) यशपाल
(iii) लखनवी अंदाज -> (ग) आधुनिक कबीर
(iv) बालम खीरा -> (घ) भदंत आनंद कौसल्यायन
(v) उपमा अलंकार -> (ङ) सा, सी, से, सम
(vi) मैं क्यों लिखता हूँ -> (च) अज्ञेय
सही मिलान:
1. नागार्जुन → (ग) आधुनिक कबीर (जनकवि होने के कारण)
2. संस्कृति → (ख) भदंत आनंद कौसल्यायन (लेखक)
3. लखनवी अंदाज → (ख) यशपाल (लेखक)
4. बालम खीरा → (क) ककड़ी-खीरा (रेलवे स्टेशन पर बिकने वाला)
5. उपमा अलंकार → (ङ) सा, सी, से, सम (वाचक शब्द)
6. मैं क्यों लिखता हूँ → (च) अज्ञेय (लेखक)
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'फसल' कविता में फसल किसका परिणाम है?
नदियों के पानी, सूर्य की किरणों और मनुष्य के श्रम का।
(ii) 'वाक्य' के कितने अंग होते हैं?
दो (उद्देश्य और विधेय)
(iii) 'माता का अँचल' पाठ के लेखक कौन हैं?
शिवपूजन सहाय
(iv) 'मूर्तिकार' ने नाक के लिए पत्थर कहाँ-कहाँ ढूँढा?
पूरे हिंदुस्तान के पहाड़ों और खानों में।
(v) 'चौराहा' में कौन सा समास है?
द्विगु समास (चार राहों का समूह)
(vi) 'अज्ञेय' ने जापान में क्या देखा?
हिरोशिमा में हुए परमाणु विस्फोट के अवशेष और प्रभाव।
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. 'प्रगतिवाद' की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
सूरदास का भावपक्ष लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. शोषकों के प्रति विद्रोह: प्रगतिवादी कवि पूँजीपतियों और शोषक वर्ग के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
2. शोषितों के प्रति सहानुभूति: गरीबों, मजदूरों और किसानों की दुर्दशा का यथार्थ चित्रण किया गया है।
उत्तर (अथवा):
सूरदास वात्सल्य और श्रृंगार रस के सम्राट हैं। उनकी रचनाओं में कृष्ण के बाल रूप और गोपियों के अनन्य प्रेम का सजीव और मार्मिक चित्रण मिलता है। उनकी भक्ति सखा भाव की है।
प्र.7. 'परशुराम' ने अपनी विशेषताओं का बखान कैसे किया?
अथवा
कवि 'निराला' बादलों से क्या प्रार्थना करते हैं?
उत्तर (मुख्य):
परशुराम ने कहा कि मैं बाल ब्रह्मचारी और अत्यंत क्रोधी हूँ। मैं क्षत्रिय कुल का शत्रु हूँ और मैंने अपनी भुजाओं के बल पर धरती को कई बार राजाओं से हीन करके ब्राह्मणों को दान कर दिया है। मेरा फरसा गर्भ के बच्चों का भी नाश करने वाला है।
उत्तर (अथवा):
कवि निराला बादलों से प्रार्थना करते हैं कि वे रिमझिम बरसने के बजाय 'गरजें' और पूरे आकाश को घेर लें। वे चाहते हैं कि बादल अपनी गर्जना से लोगों में उत्साह और क्रांति का संचार करें और भीषण गर्मी से तप्त धरती को शीतलता प्रदान करें।
प्र.8. 'खंडकाव्य' की परिभाषा एवं एक उदाहरण लिखिए।
अथवा
शांत रस की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य): परिभाषा: खंडकाव्य में जीवन के किसी एक पक्ष या एक घटना का चित्रण होता है। इसमें पूरी कथा नहीं होती, पर यह अपने आप में पूर्ण होता है। उदाहरण: 'पंचवटी' (मैथिलीशरण गुप्त)।
उत्तर (अथवा):
संसार की नश्वरता और वैराग्य के भाव से मन में जो शांति उत्पन्न होती है, उसे शांत रस कहते हैं। इसका स्थायी भाव 'निर्वेद' है। उदाहरण: "मन रे तन कागद का पुतला। लागै बूँद बिनसि जाय छिन में, गर्व करै क्या इतना।"
प्र.9. कैप्टन की मृत्यु का समाचार देते वक्त पानवाला उदास क्यों हो गया?
अथवा
बिस्मिल्ला खाँ को 'भारत रत्न' कब मिला? वे रियाज के लिए कहाँ जाते थे?
उत्तर (मुख्य):
भले ही पानवाला कैप्टन का मजाक उड़ाता था, लेकिन मन ही मन वह उसकी देशभक्ति का सम्मान करता था। कैप्टन की मृत्यु से उसे महसूस हुआ कि कस्बे से एक सच्चा देशभक्त चला गया। यह आत्मीयता और दुख उसे उदास कर गई और उसकी आँखों में आँसू आ गए।
उत्तर (अथवा):
बिस्मिल्ला खाँ को 2001 में 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। वे रियाज (अभ्यास) के लिए अक्सर बालाजी मंदिर (गंगा किनारे) जाते थे, जहाँ एकांत में वे शहनाई बजाते थे।
प्र.10. 'निबंध' किसे कहते हैं? बाबू गुलाबराय के अनुसार परिभाषा लिखिए।
अथवा
नाटक के तत्वों के नाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
बाबू गुलाबराय के अनुसार - "निबंध उस गद्य रचना को कहते हैं जिसमें एक सीमित आकार के भीतर, किसी विषय का वर्णन या प्रतिपादन एक विशेष निजीपन, स्वच्छंदता, सजीवता और सुसंबद्धता के साथ किया गया हो।"
उत्तर (अथवा):
नाटक के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:
1. कथावस्तु, 2. पात्र एवं चरित्र चित्रण, 3. संवाद (कथोपकथन), 4. देशकाल एवं वातावरण, 5. भाषा-शैली, 6. उद्देश्य, 7. अभिनयता (रंगमंच)।
प्र.11. 'स्वयं प्रकाश' की दो रचनाएँ लिखिए।
अथवा
संधि किसे कहते हैं? इसके भेदों के नाम लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. 'सूरज कब निकलेगा' (कहानी संग्रह)
2. 'आएंगे अच्छे दिन भी' (कहानी संग्रह)
उत्तर (अथवा):
दो वर्णों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं। भेद: 1. स्वर संधि, 2. व्यंजन संधि, 3. विसर्ग संधि।
प्र.12. 'साना-साना हाथ जोड़ि' में 'जितेंन नार्गे' की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
अथवा
भोलानाथ और उसके साथी खेल के लिए सामग्री कहाँ से जुटाते थे?
उत्तर (मुख्य):
जितेंन नार्गे लेखिका का ड्राइवर कम गाइड था। वह स्थानीय निवासी था, इसलिए उसे सिक्किम की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति का अच्छा ज्ञान था। उसने लेखिका को न केवल घुमाया, बल्कि वहां के जनजीवन, कठिनाइयों और मान्यताओं से भी परिचित कराया।
उत्तर (अथवा):
भोलानाथ और उसके साथी अपने खेल के लिए घर की टूटी-फूटी और बेकार चीजों का उपयोग करते थे। जैसे - मिट्टी के बर्तन, टूटे घड़े के टुकड़े (ठीकरे), दियासलाई की डिब्बियाँ, पत्ते, और धूल-मिट्टी। वे इन्हीं से मिठाई की दुकान या भोज का आयोजन करते थे।
प्र.13. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार बदलिए: 1. राम पुस्तक पढ़ता है। (कर्मवाच्य में) 2. वह कल आएगा। (निषेधवाचक में)
अथवा
'लोकोक्ति' की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. राम के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।
2. वह कल नहीं आएगा।
उत्तर (अथवा): परिभाषा: लोकोक्ति (लोक + उक्ति) वह कथन है जो लोक जीवन के लंबे अनुभव पर आधारित होता है और स्वतंत्र रूप से प्रयोग किया जाता है। उदाहरण: "नाच न जाने आँगन टेढ़ा" (काम न आने पर बहाने बनाना)।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.18. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।"
अथवा
भावार्थ लिखिए: "अट नहीं रही है आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: यह चौपाई 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' (तुलसीदास) से ली गई है।
प्रसंग: शिव धनुष टूटने पर क्रोधित परशुराम से राम विनम्रतापूर्वक बात कर रहे हैं।
व्याख्या: श्रीराम कहते हैं - "हे नाथ! शिवजी के धनुष को तोड़ने वाला आपका ही कोई एक दास होगा। आपकी क्या आज्ञा है? आप मुझसे क्यों नहीं कहते?" राम के ये शांत वचन सुनकर क्रोधी मुनि (परशुराम) और अधिक क्रोधित होकर बोले...
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: कविता 'अट नहीं रही है', कवि 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' ।
भावार्थ: कवि कहते हैं कि फागुन मास की सुंदरता इतनी अधिक और व्यापक है कि वह प्रकृति में समा नहीं पा रही है। चारों ओर फूल खिले हैं, हवा सुगंधित है, और यह मादकता इतनी ज्यादा है कि तन-मन में भी नहीं समा रही है (सट नहीं रही है)। प्रकृति का कोना-कोना उल्लास से भर गया है।
प्र.19. गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "काशी संस्कृति की पाठशाला है... शास्त्रों में काशी 'आनंदकानन' के नाम से प्रतिष्ठित है। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में विश्वनाथ हैं, जगदंबा हैं।"
अथवा
गद्यांश का आशय: "आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज थी। शायद पेट की ज्वाला की प्रेरणा एक कारण रही। सुई-धागे की खोज शायद शरीर को सजाने की प्रवृत्ति का परिणाम रही होगी।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ 'नौबतखाने में इबादत', लेखक 'यतीन्द्र मिश्र' ।
व्याख्या: लेखक कहते हैं कि काशी (वाराणसी) भारतीय संस्कृति का केंद्र है, जहाँ धर्म, संगीत और कला का संगम है। शास्त्रों में इसे आनंद का वन (आनंदकानन) कहा गया है। यहाँ बाबा विश्वनाथ (शिव) का मंदिर है, और यहीं संगीत के साधक बिस्मिल्ला खाँ हैं। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल काशी, धर्म और कला दोनों को अपने में समेटे हुए है।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: पाठ 'संस्कृति', लेखक 'भदंत आनंद कौसल्यायन' ।
आशय: लेखक मानव सभ्यता के विकास के मूल कारणों की खोज कर रहे हैं। वे कहते हैं कि मनुष्य ने आग की खोज इसलिए की होगी क्योंकि उसे भूख मिटानी थी और भोजन पकाना था। इसी तरह, सुई-धागे का आविष्कार तन को ढकने और सुंदर दिखने की इच्छा से हुआ होगा। आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है और यही संस्कृति का आधार है।
प्र.20. 'मेरा विद्यालय' विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए।
अथवा
बाजार में बढ़ते प्लास्टिक के उपयोग पर दो महिलाओं के बीच संवाद लिखिए।
उत्तर (अनुच्छेद - मेरा विद्यालय):
मेरे विद्यालय का नाम 'सांदीपनि विद्यालय' है। यह शहर के शोरगुल से दूर एक शांत वातावरण में स्थित है। विद्यालय का भवन विशाल और हवादार है। इसमें लगभग 20 कमरे, एक बड़ा खेल का मैदान और एक समृद्ध पुस्तकालय है। हमारे प्रधानाचार्य बहुत अनुशासन प्रिय और विद्वान हैं। शिक्षक हमें पुत्रवत स्नेह से पढ़ाते हैं। यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाता है। मुझे अपने विद्यालय पर बहुत गर्व है।
उत्तर (संवाद):
सुनीता: अरे अनीता! सब्जी लेने आई हो? थैला नहीं लाई?
अनीता: भूल गई थी। भैया से प्लास्टिक की थैली मांग ली।
सुनीता: अनीता, यह ठीक नहीं है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए जहर है। यह न तो सड़ता है और न ही खत्म होता है।
अनीता: बात तो सच है। गायें भी इसे खाकर बीमार पड़ जाती हैं।
सुनीता: इसीलिए हमें कपड़े के थैले का इस्तेमाल करना चाहिए।
अनीता: तुम सही कह रही हो। मैं आज से ही कपड़े का थैला साथ रखूँगी।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.21. अपठित गद्यांश: "स्वावलंबन का अर्थ है - अपना सहारा स्वयं बनना। किसी दूसरे पर बोझ न बनकर अपने पैरों पर खड़ा होना। स्वावलंबी व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) स्वावलंबी व्यक्ति समाज में क्या पाता है?
(ग) 'सम्मान' का विलोम लिखिए।
(घ) सारांश लिखिए।
अथवा
अपठित काव्यांश: "चींटी को देखो, वह सरल विरल काली रेखा, तम के तागे सी जो हिल-डुल, चलती लघुपद पल-पल मिल-जुल..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) चींटी कैसे चलती है?
(ग) 'तम' का अर्थ क्या है?
(घ) भावार्थ लिखिए।
उत्तर (गद्यांश):
(क) शीर्षक: स्वावलंबन / आत्मनिर्भरता।
(ख) उत्तर: स्वावलंबी व्यक्ति समाज में 'सम्मान' पाता है।
(ग) विलोम: अपमान।
(घ) सारांश: स्वावलंबन का अर्थ आत्मनिर्भर होना है। जो व्यक्ति दूसरों पर निर्भर नहीं रहता, वह आत्मविश्वासी और सुखी होता है। समाज ऐसे व्यक्ति का आदर करता है। उन्नति के लिए स्वावलंबी होना आवश्यक है।
उत्तर (काव्यांश):
(क) शीर्षक: चींटी / कर्मठता।
(ख) उत्तर: चींटी अपने छोटे-छोटे पैरों से पल-पल मिलकर और कतार बनाकर चलती है।
(ग) अर्थ: अँधेरा / काला रंग।
(घ) भावार्थ: कवि पंत जी चींटी की कर्मठता का वर्णन करते हैं। चींटी एक छोटा सा जीव है, लेकिन वह निरंतर कार्य करती है, मिल-जुलकर चलती है और कभी हार नहीं मानती। यह मनुष्यों के लिए प्रेरणा है।
प्र.22. अपने विद्यालय के प्राचार्य को 'खेल सामग्री' उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना पत्र लिखिए।
अथवा
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम आने पर अपनी छोटी बहन को बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
सेवा में, श्रीमान प्राचार्य महोदय, सांदीपनि विद्यालय, बड़वानी। विषय: खेल सामग्री उपलब्ध कराने बाबत।
महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का खेल सचिव (Sports Secretary) हूँ। हमारे विद्यालय में आगामी खेल प्रतियोगिताएँ होने वाली हैं, किंतु हमारे खेल कक्ष में क्रिकेट के बल्ले, फुटबॉल और वॉलीबॉल नेट की कमी है। पुरानी सामग्री टूट-फूट गई है। इससे छात्रों को अभ्यास करने में असुविधा हो रही है। अतः आपसे प्रार्थना है कि शीघ्र ही नई खेल सामग्री उपलब्ध कराने की कृपा करें ताकि हम अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
कल ही पिताजी का पत्र मिला। यह जानकर मेरा मन खुशी से भर गया कि तुमने विद्यालय की अंतर-विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह तुम्हारी वाकपटुता और मेहनत का परिणाम है। मुझे तुम पर बहुत गर्व है। मेरी ओर से तुम्हें ढेर सारी बधाई। इसी तरह आगे बढ़ती रहो। मैं अगली छुट्टियों में घर आऊंगा तो तुम्हारे लिए एक उपहार लाऊंगा।
तुम्हारा भाई, संदीप
प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. पर्यावरण प्रदूषण
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. प्रदूषण के प्रकार, 3. कारण, 4. प्रभाव, 5. निवारण के उपाय, 6. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: आज मानव के सामने सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण प्रदूषण की है। हवा, पानी और मिट्टी का अवांछित तत्वों से दूषित हो जाना प्रदूषण कहलाता है।
2. प्रकार: वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण, मृदा प्रदूषण।
3. कारण: औद्योगीकरण, वाहनों का धुआँ, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, और प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग।
4. प्रभाव: प्रदूषण से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है, मौसम चक्र बिगड़ रहा है और नई-नई बीमारियाँ (जैसे अस्थमा, कैंसर) फैल रही हैं।
5. निवारण: हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। प्लास्टिक का उपयोग बंद करना चाहिए। कारखानों को शहरों से दूर स्थापित करना चाहिए।
6. उपसंहार: यदि हमने अभी पर्यावरण की रक्षा नहीं की, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए यह धरती रहने लायक नहीं बचेगी। "पृथ्वी को बचाना है, प्रदूषण को हटाना है।"
2. विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अनुशासन का अर्थ, 3. विद्यार्थी जीवन में महत्व, 4. अनुशासनहीनता के कारण, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। उनके चरित्र निर्माण के लिए अनुशासन उतना ही आवश्यक है जितना शरीर के लिए भोजन।
2. अर्थ: अनुशासन का अर्थ है - 'नियमों का पालन करना' और 'स्वयं पर नियंत्रण रखना' (आत्म-अनुशासन)।
3. महत्व: अनुशासित विद्यार्थी समय का सदुपयोग करता है। वह बड़ों का आदर करता है और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देता है। सफलता की पहली सीढ़ी अनुशासन ही है।
4. अनुशासनहीनता: आज छात्रों में अनुशासन की कमी देखी जा रही है। इसका कारण नैतिक शिक्षा की कमी, टीवी/मोबाइल का दुष्प्रभाव और गलत संगत है।
5. उपसंहार: एक अनुशासित छात्र ही आदर्श नागरिक बन सकता है। विद्यालयों और अभिभावकों को मिलकर छात्रों में अनुशासन की भावना जगाने का प्रयास करना चाहिए।
3. विज्ञान के चमत्कार
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. विभिन्न क्षेत्रों में विज्ञान, 3. संचार और यातायात, 4. विज्ञान एक अभिशाप, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: "आज का युग विज्ञान का युग है।" सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम विज्ञान की बनाई चीजों का ही उपयोग करते हैं।
2. विभिन्न क्षेत्रों में: बिजली ने अंधेरे को दूर किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने मृत्यु दर को कम किया है और असाध्य रोगों का इलाज ढूंढा है। कृषि में नई तकनीकों से पैदावार बढ़ी है।
3. संचार और यातायात: मोबाइल और इंटरनेट ने दुनिया को छोटा कर दिया है। हम हजारों मील दूर बैठे व्यक्ति से बात कर सकते हैं। हवाई जहाज ने महीनों का सफर घंटों में बदल दिया है।
4. अभिशाप: विज्ञान के दुरुपयोग से परमाणु बम बने हैं जो पूरी मानवता को नष्ट कर सकते हैं। प्रदूषण और बेरोजगारी भी विज्ञान की देन हैं।
5. उपसंहार: विज्ञान एक अच्छा सेवक है लेकिन बुरा स्वामी। यदि हम इसका सही उपयोग करें तो यह वरदान है, अन्यथा अभिशाप।
4. मेरे सपनों का भारत
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. अतीत का गौरव, 3. वर्तमान समस्याएँ, 4. कैसा हो मेरा भारत, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: भारत एक महान देश है। मुझे भारतीय होने पर गर्व है। लेकिन मैं एक ऐसे भारत का सपना देखता हूँ जो हर तरह से संपन्न और सुखी हो।
2. समस्याओं से मुक्त: मेरे सपनों के भारत में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का नामोनिशान न हो। यहाँ जाति और धर्म के नाम पर लड़ाई न हो।
3. शिक्षित और स्वच्छ: मैं चाहता हूँ कि भारत का हर नागरिक शिक्षित हो। देश में स्वच्छता हो और हर गाँव में बिजली-पानी की सुविधा हो। महिलाएँ सुरक्षित हों और उनका सम्मान हो।
4. आत्मनिर्भर: मेरा भारत विज्ञान और तकनीक में दुनिया में सबसे आगे हो। हम अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहें।
5. उपसंहार: मेरे सपनों का भारत 'विश्व गुरु' बने। इसे साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कड़ी मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करना होगा।
इस पोस्ट में दिए गए प्रश्न एवं उत्तर केवल शैक्षणिक एवं अभ्यास उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। यह मॉडल पेपर संभावित प्रश्नों पर आधारित है तथा बोर्ड परीक्षा में इन्हीं प्रश्नों के आने की कोई गारंटी नहीं है।
उत्तर उपलब्ध पाठ्यपुस्तक एवं सिलेबस के आधार पर तैयार किए गए हैं। अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए विद्यार्थी अधिकृत पाठ्यपुस्तक एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।
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एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर सेट C – नवीनतम पैटर्न पर आधारित
Class 10th Hindi Model Paper Set C
एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर – सेट C MP Board Class 10 Hindi Model Paper Set C 40 अंकों के पैटर्न पर आधारित अभ्यास पेपर है। यह छात्रों को कम अंक वाले प्रश्नपत्र प्रारूप में बेहतर तैयारी करने और महत्वपूर्ण प्रश्नों पर फोकस करने में सहायता करता है।
मुख्य जानकारी
विषय: हिन्दी
कक्षा: 10वीं (MP Board)
पेपर सेट: Set C
पूर्णांक: 75 अंक
मॉडल पेपर की विशेषताएँ
नवीनतम सिलेबस के अनुसार तैयार
बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित
महत्वपूर्ण एवं संभावित प्रश्न शामिल
कम समय में अभ्यास के लिए उपयुक्त
पुनरावृत्ति (Revision) हेतु उपयोगी
विद्यार्थियों के लिए लाभ
त्वरित अभ्यास का अवसर
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प्रश्नों की संरचना समझने में सहायक
परीक्षा आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार
Class 10th Hindi Model Paper Set C
कक्षा 10वीं हिन्दी मॉडल पेपर (नवीनतम पैटर्न पर आधारित)
विवरण: 'धीरे-धीरे' क्रिया के होने के ढंग (रीति) को बता रहा है।
(v) कथन (A): भोलानाथ अपने पिता के साथ ही सोता था। कारण (R): उसे अपनी माँ से डर लगता था। कथन-कारण
(अ) A और R दोनों सही हैं।(ब) A सही है, लेकिन R गलत है।(स) A गलत है, R सही है।(द) A और R दोनों गलत हैं।
👉 (ब) A सही है, लेकिन R गलत है।
विवरण: भोलानाथ पिता के साथ सोता था, लेकिन इसका कारण माँ से डरना नहीं, बल्कि पिता से अधिक लगाव था।
(vi) 'संचारी भावों' की संख्या कितनी मानी गई है?
(अ) 32(ब) 33(स) 34(द) 35
👉 (ब) 33
विवरण: भारतीय काव्यशास्त्र में संचारी भावों की संख्या 33 निर्धारित की गई है।
प्र.2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'आत्मकथ्य' कविता के कवि ________ हैं। (जयशंकर प्रसाद / महादेवी वर्मा)
जयशंकर प्रसाद
विवरण: यह कविता हंस पत्रिका के आत्मकथा विशेषांक के लिए लिखी गई थी।
(ii) 'लय, ताल, तुक, यति, गति' से नियोजित रचना ________ कहलाती है। (छंद / रस)
छंद
विवरण: छंदबद्ध रचना ही पद्य कहलाती है, जिसमें लय और ताल का अनुशासन होता है।
(iii) 'नेताजी का चश्मा' गद्य की ________ विधा की रचना है। (कहानी / निबंध)
कहानी
विवरण: यह स्वयं प्रकाश द्वारा लिखित एक प्रसिद्ध कहानी है।
(iv) 'भोलानाथ' का असली नाम ________ था। (तारकेश्वरनाथ / बैजनाथ)
तारकेश्वरनाथ
विवरण: 'माता का अँचल' पाठ में लेखक शिवपूजन सहाय ने अपने बचपन का नाम तारकेश्वरनाथ बताया है।
(v) 'अनेकार्थी शब्द' में एक ही शब्द के ________ अर्थ होते हैं। (एक / अनेक)
अनेक
विवरण: जैसे 'अंबर' का अर्थ 'आकाश' भी है और 'वस्त्र' भी।
(vi) 'जिन वाक्यों में किसी कार्य के न होने का बोध हो', उन्हें ________ वाक्य कहते हैं। (निषेधवाचक / प्रश्नवाचक)
निषेधवाचक
विवरण: इन्हें नकारात्मक वाक्य भी कहते हैं। जैसे: "राम नहीं पढ़ता है।"
प्र.3. सत्य/असत्य का चयन कीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'परशुराम' के क्रोध को देखकर लक्ष्मण डर गए थे।
असत्य
विवरण: लक्ष्मण डरे नहीं थे, बल्कि उन्होंने परशुराम के क्रोध का व्यंग्यपूर्ण उत्तर दिया था।
(ii) प्रबंध काव्य के दो भेद हैं - महाकाव्य और खंडकाव्य।
सत्य
विवरण: प्रबंध काव्य (जिसमें कथा होती है) मुख्य रूप से महाकाव्य और खंडकाव्य में विभाजित होता है।
(iii) 'लखनवी अंदाज' पाठ में नवाब साहब ने खीरे खा लिए थे।
असत्य
विवरण: नवाब साहब ने खीरे की फाँकों को केवल सूंघा और खिड़की से बाहर फेंक दिया।
(iv) जिस क्रिया का प्रभाव कर्ता पर पड़ता है, वह अकर्मक क्रिया होती है।
सत्य
विवरण: अकर्मक क्रिया में कर्म नहीं होता, इसलिए क्रिया का फल सीधा कर्ता पर पड़ता है (जैसे - राम सोता है)।
(v) 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लेखक अज्ञेय हैं।
सत्य
विवरण: यह पाठ सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' द्वारा लिखित है।
(vi) 'उत्साह' कविता में बादल शांति का प्रतीक है।
असत्य
विवरण: 'उत्साह' कविता में बादल 'क्रांति' और 'नवनिर्माण' का प्रतीक है, न कि शांति का।
प्र.4. सही जोड़ी मिलाइए: (1×6 = 6 अंक)
(i) छायावाद के प्रवर्तक -> (क) चौपाई
(ii) 16-16 मात्राएं -> (ख) जयशंकर प्रसाद
(iii) मन्नू भंडारी -> (ग) यतीन्द्र मिश्र
(iv) नौबतखाने में इबादत -> (घ) एक कहानी यह भी
(v) दांत खट्टे करना -> (ङ) सिक्किम की राजधानी
(vi) गंगटोक -> (च) परास्त करना
सही मिलान:
1. छायावाद के प्रवर्तक → (ख) जयशंकर प्रसाद
2. 16-16 मात्राएं → (क) चौपाई (सम मात्रिक छंद)
3. मन्नू भंडारी → (घ) एक कहानी यह भी (आत्मकथा)
4. नौबतखाने में इबादत → (ग) यतीन्द्र मिश्र (लेखक)
5. दांत खट्टे करना → (च) परास्त करना (मुहावरा)
6. गंगटोक → (ङ) सिक्किम की राजधानी
प्र.5. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए: (1×6 = 6 अंक)
(i) 'सूरदास' के पदों की भाषा कौन सी है?
ब्रज भाषा
(ii) 'रामचरितमानस' का प्रमुख छंद कौन सा है?
चौपाई और दोहा
(iii) 'आत्मकथ्य' कविता किस पत्रिका में प्रकाशित हुई थी?
'हंस' पत्रिका (1932 में)
(iv) 'कहानी' के कितने तत्व माने गए हैं?
छह (कथानक, पात्र, संवाद, देशकाल, उद्देश्य, शैली)
(v) 'यथाशक्ति' में कौन सा समास है?
अव्ययीभाव समास
(vi) 'हिरोशिमा' नामक कविता किस काव्य संग्रह से ली गई है?
'अरी ओ करुणा प्रभामय'
खण्ड ब: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
प्र.6. 'भक्तिकाल' की दो प्रमुख प्रवृत्तियाँ लिखिए।
अथवा
प्रयोगवाद के किन्हीं दो कवियों के नाम और उनकी एक-एक रचना लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
1. गुरु की महत्ता: भक्तिकाल में ईश्वर प्राप्ति के लिए गुरु को अनिवार्य माना गया है (जैसे कबीर और तुलसी ने गुरु वंदना की है)।
2. स्वांतः सुखाय रचना: कवियों ने लोकमंगल और आत्म-संतुष्टि के लिए काव्य रचना की, न कि केवल राजदरबारों के लिए।
उत्तर (अथवा):
1. अज्ञेय: 'हरी घास पर क्षण भर'।
2. धर्मवीर भारती: 'अंधा युग' (या 'कनुप्रिया')।
प्र.7. 'लक्ष्मण' ने वीर योद्धा की क्या विशेषताएँ बताई हैं?
अथवा
गोपियों ने उद्धव को 'बड़भागी' क्यों कहा है?
उत्तर (मुख्य):
लक्ष्मण के अनुसार:
1. वीर योद्धा युद्धभूमि में अपनी वीरता का प्रदर्शन करते हैं, शत्रुओं के सामने अपनी डींगें नहीं हांकते।
2. वे ब्राह्मणों, गायों, देवताओं और कमजोरों पर अपनी वीरता नहीं दिखाते। वे धैर्यवान और विनम्र होते हैं।
उत्तर (अथवा):
गोपियों ने उद्धव को व्यंग्य में 'बड़भागी' (भाग्यवान) कहा है। उनका आशय यह है कि उद्धव कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम रूपी सागर में डूबने से बचे रहे, जो कि एक दुर्भाग्य की बात है। वे उस कमल के पत्ते के समान हैं जो पानी में रहकर भी सूखा रहता है।
प्र.8. 'विभाव' किसे कहते हैं? इसके कितने भेद हैं?
अथवा
अतिशयोक्ति अलंकार की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य): परिभाषा: जो कारण (व्यक्ति, वस्तु या परिस्थिति) हृदय में स्थित स्थायी भाव को जागृत या उद्दीप्त करते हैं, उन्हें विभाव कहते हैं। भेद: इसके दो भेद हैं - 1. आलंबन विभाव, 2. उद्दीपन विभाव।
उत्तर (अथवा):
जहाँ किसी वस्तु या स्थिति का वर्णन इतना बढ़ा-चढ़ाकर किया जाए कि लोक सीमा का उल्लंघन हो जाए, वहाँ अतिशयोक्ति अलंकार होता है। उदाहरण: "हनुमान की पूँछ में, लगन न पाई आग। लंका सिगरी जल गई, गए निसाचर भाग।"
प्र.9. कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा क्यों लगा देता था?
अथवा
बालगोबिन भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?
उत्तर (मुख्य):
कैप्टन एक देशभक्त नागरिक था। उसे नेताजी की बिना चश्मे वाली मूर्ति अधूरी और आहत करती थी। इसलिए वह अपनी छोटी सी दुकान से एक चश्मा मूर्ति पर लगा देता था। जब कोई ग्राहक वह चश्मा मांग लेता, तो वह उसे बेचकर मूर्ति पर दूसरा चश्मा लगा देता था।
उत्तर (अथवा):
भगत के इकलौते बेटे की मृत्यु के बाद वे अकेले रह गए थे। पुत्रवधू को चिंता थी कि बुढ़ापे में भगत जी के लिए भोजन कौन बनाएगा और बीमार पड़ने पर उनकी देखभाल कौन करेगा। इसलिए सेवाभाव के कारण वह उन्हें छोड़कर नहीं जाना चाहती थी।
प्र.10. रिपोर्ताज (Reportage) किसे कहते हैं?
अथवा
रेखाचित्र और संस्मरण में दो अंतर लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
रिपोर्ताज फ्रांसीसी भाषा का शब्द है। जब लेखक किसी घटना का आंखों देखा हाल इस प्रकार वर्णित करता है कि वह पाठक के हृदय को छू ले और उसका प्रभाव अमिट हो, तो उसे रिपोर्ताज कहते हैं।
उत्तर (अथवा):
1. विषय: रेखाचित्र किसी भी व्यक्ति (सामान्य या विशेष) का हो सकता है, संस्मरण प्रायः किसी महापुरुष या विशेष घटना का होता है।
2. तटस्थता: रेखाचित्र में लेखक तटस्थ रहकर चित्र खींचता है, संस्मरण में लेखक की आत्मीयता और निजी अनुभव जुड़े होते हैं।
प्र.11. 'रामवृक्ष बेनीपुरी' की भाषा-शैली की विशेषताएँ लिखिए।
अथवा
द्वंद्व समास किसे कहते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर (मुख्य):
रामवृक्ष बेनीपुरी जी 'कलम के जादूगर' कहे जाते हैं। उनकी भाषा ओजस्वी, खड़ी बोली हिंदी है जिसमें तत्सम, तद्भव और देशज शब्दों का सुंदर समन्वय है। उनकी शैली चित्रात्मक है, जिससे वर्णन सजीव हो उठता है।
उत्तर (अथवा):
जिस समास में दोनों पद प्रधान हों और विग्रह करने पर 'और', 'या', 'अथवा' लगता हो, उसे द्वंद्व समास कहते हैं। उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता), सुख-दुख (सुख और दुख)।
प्र.12. 'माता का अँचल' पाठ में बच्चे की क्या विशेषता बताई गई है?
अथवा
जॉर्ज पंचम की नाक को पुनः लगाने के लिए मूर्तिकार ने क्या-क्या यत्न किए?
उत्तर (मुख्य):
इस पाठ में बताया गया है कि बच्चे का अपनी माँ के प्रति गहरा लगाव होता है। सुख के समय भले ही वह पिता के साथ खेले, लेकिन विपत्ति या डर के समय उसे माँ की गोद (अँचल) में ही सुरक्षा और शांति मिलती है।
उत्तर (अथवा):
1. उसने भारत के पहाड़ी प्रदेशों और पत्थरों की खानों का दौरा किया।
2. उसने देश के महापुरुषों की मूर्तियों की नाक टटोली।
3. उसने बिहार सेक्रेटेरिएट के सामने शहीद बच्चों की मूर्तियों की नाक देखी।
4. अंत में, उसने एक जीवित व्यक्ति की नाक काटकर मूर्ति पर लगा दी।
प्र.13. 'वाक्य' किसे कहते हैं? अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं?
अथवा
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: 1. आग बबूला होना 2. गागर में सागर भरना
उत्तर (मुख्य):
सार्थक शब्दों का वह व्यवस्थित समूह जिससे अपेक्षित अर्थ पूर्ण रूप से स्पष्ट हो जाए, वाक्य कहलाता है। अर्थ के आधार पर वाक्य के 8 भेद होते हैं (जैसे- विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक आदि)।
उत्तर (अथवा):
1. आग बबूला होना (बहुत क्रोधित होना): गृहकार्य पूरा न होने पर शिक्षक छात्र पर आग बबूला हो गए।
2. गागर में सागर भरना (थोड़े में बहुत कहना): बिहारी जी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है।
खण्ड स: लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
प्र.18. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "मधुप गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी, मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ देखो कितनी आज घनी।"
अथवा
पद्यांश का भावार्थ लिखिए: "फसल क्या है? और तो कुछ नहीं है वह नदियों के पानी का जादू है वह..."
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ्यपुस्तक क्षितिज भाग-2, कविता 'आत्मकथ्य', कवि 'जयशंकर प्रसाद' ।
प्रसंग: कवि अपनी आत्मकथा न लिखने का कारण बताते हुए जीवन की नश्वरता का वर्णन कर रहे हैं।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि मेरा मन रूपी भौंरा गुनगुना कर न जाने अपनी कौन सी दुखभरी कहानी सुनाना चाहता है। जब मैं अपने जीवन की ओर देखता हूँ, तो पाता हूँ कि जीवन रूपी वृक्ष से खुशियों की पत्तियां मुरझा कर गिर रही हैं। अर्थात मेरा जीवन दुखों और अभावों से भरा है, इसमें सुख के पल बहुत कम और क्षणिक रहे हैं।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: कविता 'फसल', कवि 'नागार्जुन' ।
भावार्थ: कवि कहते हैं कि फसल केवल एक पौधा नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और मनुष्य के सहयोग का परिणाम है। यह नदियों के जल का प्रभाव (जादू) है, करोड़ों इंसानों के हाथों की मेहनत (स्पर्श की महिमा) है, और विभिन्न प्रकार की मिट्टी का गुणधर्म है। साथ ही, इसमें सूरज की किरणों का रूपांतरण और हवा की थिरकन भी शामिल है।
प्र.19. गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: "नवाब साहब ने खीरे की सब फाँकों को खिड़की के बाहर फेंककर तौलिये से हाथ और होंठ पोंछ लिए और गर्व से गुलाबी आँखों से हमारी ओर देख लिया, मानो कह रहे हों - यह है खानदानी रईसों का तरीका!"
अथवा
गद्यांश का आशय स्पष्ट करें: "काशी में संगीत आयोजन की एक प्राचीन एवं अद्भुत परंपरा है... यह आयोजन पिछले कई वर्षों से संकटमोचन मंदिर में होता आया है।"
उत्तर (मुख्य):
संदर्भ: पाठ 'लखनवी अंदाज', लेखक 'यशपाल' ।
प्रसंग: नवाब साहब द्वारा खीरे को सूंघकर फेंकने के बाद के उनके हाव-भाव का वर्णन।
व्याख्या: लेखक बताते हैं कि नवाब साहब ने खीरे की सभी स्वादिष्ट फाँकों को बिना खाए ही खिड़की से बाहर फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने बड़े इत्मीनान से हाथ-मुंह पोंछे और लेखक की ओर गर्व भरी नजरों से देखा। उनका यह व्यवहार यह जताने के लिए था कि हम रईस लोग हैं, हम खीरे जैसी तुच्छ चीज खाते नहीं, बस उसकी सुगंध लेते हैं। यह उनके झूठे अभिमान और बनावटीपन को दर्शाता है।
उत्तर (अथवा):
संदर्भ: पाठ 'नौबतखाने में इबादत', लेखक 'यतीन्द्र मिश्र' ।
आशय: लेखक काशी (बनारस) की सांस्कृतिक समृद्धि का वर्णन कर रहे हैं। काशी केवल धर्म की नगरी नहीं, बल्कि संगीत और कला का भी केंद्र है। यहाँ संकटमोचन मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर शास्त्रीय संगीत और नृत्य का भव्य आयोजन होता है। बिस्मिल्ला खाँ जैसे महान कलाकार इसमें अपनी हाजिरी लगाना (शहनाई बजाना) अपना धर्म समझते थे।
प्र.20. 'अनुशासन का महत्व' विषय पर एक अनुच्छेद लिखिए।
अथवा
अपने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर दो नागरिकों के बीच संवाद लिखिए।
उत्तर (अनुच्छेद - अनुशासन):
अनुशासन (अनु + शासन) का अर्थ है नियमों का पालन करना। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अनुशासन का अत्यधिक महत्व है। प्रकृति भी अनुशासन में रहकर कार्य करती है—सूरज का उगना, ऋतुओं का बदलना। विद्यार्थी जीवन में तो यह सफलता की कुंजी है। अनुशासित व्यक्ति अपने समय और ऊर्जा का सही उपयोग करता है। जिस देश के नागरिक अनुशासित होते हैं, वह देश निरंतर प्रगति करता है। अनुशासनहीनता जीवन को अस्त-व्यस्त कर देती है। अतः हमें बचपन से ही अनुशासन को अपने जीवन का अंग बनाना चाहिए।
उत्तर (संवाद):
नागरिक 1: भाई साहब, क्या हाल है हमारे शहर का? जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
नागरिक 2: सही कह रहे हैं आप। नगरपालिका की गाड़ी भी रोज नहीं आती। बदबू से जीना मुश्किल हो गया है।
नागरिक 1: लेकिन गलती हमारी भी तो है। हम लोग भी कचरा डस्टबिन में डालने के बजाय सड़क पर फेंक देते हैं।
नागरिक 2: यह तो है। अगर हम जागरूक नहीं होंगे, तो केवल सरकार को कोसने से कुछ नहीं होगा।
नागरिक 1: बिल्कुल! चलिए, आज से हम संकल्प लें कि हम न गंदगी करेंगे और न करने देंगे।
खण्ड द: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
प्र.21. अपठित गद्यांश: "पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं। वे हमें ज्ञान देती हैं और हमारा मनोरंजन करती हैं। एक अच्छी पुस्तक सौ मित्रों के बराबर होती है..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) पुस्तकें हमारी मित्र क्यों हैं?
(ग) 'मनोरंजन' का संधि विच्छेद करें।
(घ) सारांश लिखिए।
अथवा
अपठित काव्यांश: "जो बीत गई सो बात गई, जीवन में एक सितारा था, माना वह बेहद प्यारा था..."
(क) शीर्षक लिखिए।
(ख) कवि क्या संदेश देना चाहता है?
(ग) 'सितारा' किसका प्रतीक है?
(घ) भावार्थ लिखिए।
उत्तर (गद्यांश):
(क) शीर्षक: पुस्तकों का महत्व / सच्ची मित्र: पुस्तकें।
(ख) उत्तर: क्योंकि वे हमें ज्ञान देती हैं, सही मार्ग दिखाती हैं, और कभी धोखा नहीं देतीं।
(ग) संधि विच्छेद: मनः + रंजन (विसर्ग संधि)।
(घ) सारांश: पुस्तकें मानव जीवन में सच्चे मित्र की भूमिका निभाती हैं। वे ज्ञान का भंडार हैं और एकांत में हमारी साथी हैं। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन हमारे चरित्र निर्माण में सहायक होता है।
उत्तर (काव्यांश):
(क) शीर्षक: बीती ताहि बिसार दे / आशावाद।
(ख) उत्तर: कवि संदेश दे रहे हैं कि बीते हुए दुखों को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए।
(ग) प्रतीक: सितारा किसी प्रियजन या प्रिय वस्तु का प्रतीक है।
(घ) भावार्थ: कवि हरिवंश राय बच्चन कहते हैं कि जीवन में असफलताएं और वियोग आते रहते हैं। जैसे आकाश अपने टूटे तारे का शोक नहीं मनाता, वैसे ही हमें भी जो बीत गया, उसे भूलकर भविष्य की ओर देखना चाहिए।
प्र.22. अपने शहर के नगर निगम अधिकारी को नियमित जलापूर्ति (Water Supply) के लिए शिकायती पत्र लिखिए।
अथवा
अपने छोटे भाई को समय के सदुपयोग की सलाह देते हुए पत्र लिखिए।
उत्तर (औपचारिक पत्र):
सेवा में, स्वास्थ्य अधिकारी महोदय, नगर निगम, इंदौर (म.प्र.)। विषय: नियमित जलापूर्ति न होने की शिकायत हेतु।
मान्यवर, मैं आपका ध्यान सुदामा नगर क्षेत्र की पेयजल समस्या की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। पिछले एक सप्ताह से हमारे क्षेत्र में नलों में पानी बहुत कम दबाव से आ रहा है और वह भी अनियमित समय पर। कभी-कभी गंदा पानी भी आता है। गर्मी के मौसम में इससे निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। अतः आपसे निवेदन है कि इस समस्या की जाँच करवाकर नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
हम सब यहाँ कुशल हैं। पिताजी के पत्र से पता चला कि तुम आजकल पढ़ाई में ध्यान नहीं दे रहे हो और अपना ज्यादा समय खेलकूद या मोबाइल में बिता रहे हो। भाई, यह समय तुम्हारे जीवन की नींव है। 'गया वक्त फिर हाथ नहीं आता'। अगर तुम अभी समय का सदुपयोग करोगे, तो भविष्य में सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी। खेलकूद भी जरूरी है, लेकिन पढ़ाई पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। आशा है तुम मेरी सलाह मानोगे और एक समय-सारिणी बनाकर पढ़ाई करोगे।
तुम्हारा बड़ा भाई, विवेक
प्र.23. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए: (4 अंक)
1. आत्मनिर्भर भारत
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. आत्मनिर्भरता का अर्थ, 3. प्रमुख क्षेत्र, 4. चुनौतियाँ और समाधान, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: किसी भी राष्ट्र की प्रगति इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर कितना निर्भर है। भारत को सशक्त बनाने के लिए 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान एक महत्वपूर्ण पहल है।
2. अर्थ: आत्मनिर्भरता का अर्थ है - अपनी जरूरतों का सामान खुद बनाना और आयात (Import) कम करके निर्यात (Export) बढ़ाना। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक विनिर्माण हब (Global Manufacturing Hub) बनाना है।
3. प्रमुख क्षेत्र: रक्षा, तकनीक, कृषि और ऊर्जा वे प्रमुख क्षेत्र हैं जहाँ भारत को आत्मनिर्भर होना है। 'मेक इन इंडिया' और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे नारे इसी दिशा में कदम हैं।
4. लाभ: इससे देश का पैसा देश में रहेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हम संकट के समय (जैसे महामारी) दूसरों का मुंह नहीं ताकेंगे।
5. उपसंहार: आत्मनिर्भर भारत केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का सपना होना चाहिए। जब हम स्वदेशी अपनाएंगे, तभी देश स्वावलंबी और महाशक्ति बनेगा।
2. इंटरनेट: वरदान या अभिशाप
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. संचार क्रांति, 3. शिक्षा और व्यापार में लाभ, 4. दुष्परिणाम (हानियाँ), 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: विज्ञान ने हमें कई उपहार दिए हैं, उनमें 'इंटरनेट' सबसे अद्भुत है। इसने पूरी दुनिया को एक छोटे से गाँव (Global Village) में बदल दिया है।
2. वरदान के रूप में: इंटरनेट ज्ञान का सागर है। छात्र किसी भी विषय की जानकारी सेकंडों में प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग और बिल जमा करने जैसी सुविधाओं ने जीवन आसान बना दिया है। कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास इंटरनेट के कारण ही संभव हो पाई।
3. अभिशाप के रूप में: हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग समय की बर्बादी, आँखों की कमजोरी और मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। साइबर अपराध (हैकिंग, ठगी) और अश्लीलता का प्रसार इसके नकारात्मक पक्ष हैं।
4. उपसंहार: इंटरनेट एक शक्तिशाली साधन है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग अपने विकास के लिए करते हैं या विनाश के लिए। इसका विवेकपूर्ण उपयोग ही मानवता के हित में है।
3. मेरा प्रिय त्योहार: दीपावली
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. मनाने का कारण, 3. तैयारी और उत्सव, 4. सामाजिक महत्व, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: भारत त्योहारों का देश है। यहाँ होली, ईद, क्रिसमस सब धूमधाम से मनाए जाते हैं, लेकिन मेरा प्रिय त्योहार 'दीपावली' है। यह दीपों का उत्सव है जो अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
2. मनाने का कारण: माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा कर और रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दिए जलाए थे।
3. उत्सव: दीपावली से कई दिन पहले घरों की सफाई और पुताई शुरू हो जाती है। धनतेरस, छोटी दिवाली, और मुख्य दिवाली—यह पांच दिनों का उत्सव है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयाँ बांटते हैं और रात में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। बच्चे पटाखे जलाते हैं।
4. संदेश: यह त्योहार हमें स्वच्छता, भाईचारे और सात्विकता का संदेश देता है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत की याद दिलाता है।
5. उपसंहार: दीपावली खुशियों का त्योहार है। हमें इसे प्रदूषण मुक्त (बिना तेज पटाखों के) और मिल-जुलकर मनाना चाहिए।
4. योग का महत्व
रूपरेखा: 1. प्रस्तावना, 2. योग का अर्थ, 3. शारीरिक और मानसिक लाभ, 4. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 5. उपसंहार।
1. प्रस्तावना: "शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्" - अर्थात शरीर ही सभी कर्तव्यों को पूरा करने का साधन है। स्वस्थ शरीर के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। यह भारत की विश्व को दी गई प्राचीन धरोहर है।
2. योग का अर्थ: योग का अर्थ है 'जोड़ना'—आत्मा का परमात्मा से मिलन। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है।
3. लाभ: नियमित योग करने से शरीर लचीला और निरोगी रहता है। प्राणायाम से फेफड़े मजबूत होते हैं। ध्यान (Meditation) से मानसिक शांति मिलती है और तनाव (Stress) कम होता है। यह एकाग्रता बढ़ाने में विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभकारी है।
4. विश्व स्तर पर पहचान: भारत के प्रयासों से 21 जून को 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' घोषित किया गया है। आज पूरी दुनिया योग की शक्ति को मान रही है।
5. उपसंहार: भागदौड़ भरी जिंदगी में योग संजीवनी बूटी के समान है। 'करो योग, रहो निरोग'—यही सुखी जीवन का मूलमंत्र है।
इस पोस्ट में दिए गए प्रश्न एवं उत्तर केवल अभ्यास और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। ये प्रश्न संभावित (Model) स्वरूप के हैं तथा बोर्ड परीक्षा में इन्हीं प्रश्नों के आने की कोई गारंटी नहीं है।
उत्तर संदर्भ सामग्री एवं पाठ्यक्रम के आधार पर तैयार किए गए हैं। छात्र अंतिम एवं प्रमाणिक जानकारी के लिए संबंधित पाठ्यपुस्तक, अधिकृत सिलेबस एवं बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ही अनुसरण करें।
इस सामग्री का उद्देश्य विद्यार्थियों की तैयारी में सहयोग करना है, न कि किसी आधिकारिक प्रश्नपत्र का प्रतिनिधित्व करना।
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