माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं विज्ञान (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) की नवीनतम अंक योजना, AI-संचालित सरल नोट्स, नामांकित चित्र, संतुलित रासायनिक समीकरण एवं मॉडल अभ्यास प्रश्नोत्तर यहाँ देखें।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का आधिकारिक ब्लूप्रिंट (अंक योजना) जारी कर दिया गया है। विज्ञान विषय में रसायन विज्ञान की रासायनिक अभिक्रियाओं, जीव विज्ञान के नामांकित रेखाचित्रों और भौतिक विज्ञान के प्रकाश व विद्युत से जुड़े आंकिक प्रश्नों (Numericals) का योजनाबद्ध अभ्यास करके विद्यार्थी 100% सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए यहाँ कक्षा 10वीं विज्ञान के सभी अध्यायों की नवीनतम अंक योजना पर आधारित AI-असिस्टेड संक्षिप्त नोट्स, संतुलित रासायनिक समीकरण, नामांकित चित्र एवं परीक्षा-उपयोगी अभ्यास प्रश्नोत्तर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कक्षा 10वीं विज्ञान
सम्पूर्ण सरल नोट्स एवं अभ्यास प्रश्नोत्तर
माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल | हाईस्कूल परीक्षा सत्र 2026-27
पूर्णांक — 75 | समय — 3:00 घंटे
अंक योजना एवं प्रश्न-पत्र संरचना
| अध्याय | अंक |
| 1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | 07 |
| 2. अम्ल, क्षार एवं लवण | 06 |
| 3. धातु एवं अधातु | 05 |
| 4. कार्बन एवं उसके यौगिक | 06 |
| 5. जैव प्रक्रम | 08 |
| 6. नियंत्रण एवं समन्वय | 06 |
| 7. जीव जनन कैसे करते हैं? | 06 |
| 8. आनुवंशिकता | 04 |
| 9. प्रकाश — परावर्तन एवं अपवर्तन | 08 |
| 10. मानव नेत्र एवं रंग-बिरंगा संसार | 05 |
| 11. विद्युत | 06 |
| 12. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव | 05 |
| 13. हमारा पर्यावरण | 03 |
| कुल | 75 |
| प्रश्न | प्रकार | प्रश्न | अंक |
| 1 | सही विकल्प | 06 | 06 |
| 2 | रिक्त स्थान | 06 | 06 |
| 3 | सत्य/असत्य | 06 | 06 |
| 4 | सही जोड़ी | 06 | 06 |
| 5 | एक वाक्य में उत्तर | 06 | 06 |
| 6–17 | लघु उत्तरीय | 12 | 24 |
| 18–20 | मध्यम उत्तरीय | 03 | 09 |
| 21–23 | दीर्घ उत्तरीय | 03 | 12 |
| कुल | 75 |
तैयारी की प्राथमिकता: रासायनिक समीकरण, जैविक प्रक्रियाएँ, मानव शरीर, आनुवंशिकता, प्रकाश के सूत्र, विद्युत के numericals तथा चुंबकीय प्रभाव विशेष रूप से तैयार करें।
अध्याय 1 — रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (07 अंक)
1. रासायनिक अभिक्रिया
वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थों से नए गुणों वाले नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
2. रासायनिक समीकरण
रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक संकेतों एवं सूत्रों द्वारा संक्षेप में लिखना रासायनिक समीकरण कहलाता है।
3. रासायनिक अभिक्रिया के संकेत
- रंग में परिवर्तन
- गैस का निकलना
- तापमान में परिवर्तन
- अवक्षेप का निर्माण
- गंध में परिवर्तन
4. अभिक्रियाओं के प्रकार
- संयोजन अभिक्रिया
- अपघटन अभिक्रिया
- विस्थापन अभिक्रिया
- द्विविस्थापन अभिक्रिया
- ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रिया
5. संयोजन
CaO + H₂O → Ca(OH)₂
6. अपघटन
CaCO₃ → CaO + CO₂
7. विस्थापन
Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu
8. द्विविस्थापन
Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ + 2NaCl
9. ऑक्सीकरण
ऑक्सीजन का जुड़ना, हाइड्रोजन का हटना या इलेक्ट्रॉन का निकलना ऑक्सीकरण कहलाता है।
10. अपचयन
ऑक्सीजन का हटना, हाइड्रोजन का जुड़ना या इलेक्ट्रॉन का ग्रहण करना अपचयन कहलाता है।
11. संक्षारण
धातुओं का वायु, नमी आदि के प्रभाव से धीरे-धीरे नष्ट होना संक्षारण कहलाता है।
12. विकृतगंधिता
वसा और तेलों का ऑक्सीकरण होकर खराब गंध उत्पन्न करना विकृतगंधिता कहलाता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. रासायनिक अभिक्रिया क्या है?
वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक अभिकारकों से नए गुणों वाले उत्पाद बनते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
प्रश्न 2. संयोजन और अपघटन अभिक्रिया में अंतर बताइए।
संयोजन में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं। अपघटन में एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. रासायनिक अभिक्रिया के तीन संकेत लिखिए।
रासायनिक अभिक्रिया में रंग परिवर्तन, गैस का उत्सर्जन, तापमान परिवर्तन, अवक्षेप का बनना या गंध में परिवर्तन हो सकता है। इनमें से कोई तीन संकेत लिखे जा सकते हैं।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. ऑक्सीकरण और अपचयन को उदाहरण सहित समझाइए।
किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का हटना ऑक्सीकरण माना जाता है। उदाहरण: 2Cu + O₂ → 2CuO। दूसरी ओर CuO + H₂ → Cu + H₂O में CuO का अपचयन होता है क्योंकि उससे ऑक्सीजन हटती है। दोनों प्रक्रियाएँ साथ हों तो अभिक्रिया redox कहलाती है।
प्रश्न. निम्न समीकरण को संतुलित कीजिए: Fe + H₂O → Fe₃O₄ + H₂
3Fe + 4H₂O → Fe₃O₄ + 4H₂
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 2 — अम्ल, क्षार एवं लवण (06 अंक)
1. अम्ल
वे पदार्थ जो जल में H⁺ आयन प्रदान करते हैं, अम्ल कहलाते हैं।
2. क्षार
वे पदार्थ जो जल में OH⁻ आयन प्रदान करते हैं, क्षार कहलाते हैं।
3. pH पैमाना
pH किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति बताता है। 7 से कम pH अम्लीय, 7 तटस्थ और 7 से अधिक क्षारीय होता है।
4. महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ
अम्ल + धातु → लवण + H₂
अम्ल + क्षार → लवण + जल
अम्ल + कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂
5. प्रमुख लवण
- बेकिंग सोडा — NaHCO₃
- वाशिंग सोडा — Na₂CO₃·10H₂O
- ब्लीचिंग पाउडर — CaOCl₂
- प्लास्टर ऑफ पेरिस — CaSO₄·½H₂O
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. pH क्या बताता है?
pH किसी विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति की मात्रा बताता है। pH कम होने पर अम्लीयता अधिक और pH अधिक होने पर क्षारीयता अधिक होती है।
प्रश्न 2. उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?
अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से लवण और जल बनने की प्रक्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. बेकिंग सोडा के दो उपयोग लिखिए।
बेकिंग सोडा का उपयोग बेकरी उत्पादों में CO₂ उत्पन्न कर उन्हें फुलाने के लिए तथा कुछ स्थितियों में अम्लता कम करने वाले पदार्थ के रूप में किया जाता है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. ब्लीचिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और वाशिंग सोडा के सूत्र एवं उपयोग लिखिए।
ब्लीचिंग पाउडर का सूत्र CaOCl₂ है और इसका उपयोग जल कीटाणुशोधन तथा कपड़ों की bleaching में होता है। बेकिंग सोडा NaHCO₃ है और इसका उपयोग baking तथा antacid के रूप में होता है। वाशिंग सोडा Na₂CO₃·10H₂O है और इसका उपयोग कपड़े धोने तथा कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 3 — धातु एवं अधातु (05 अंक)
1. धातुओं के गुण
- चमकीले
- तन्य
- आघातवर्धनीय
- अच्छे ऊष्मा एवं विद्युत चालक
2. अधातुओं के गुण
अधिकांश अधातु भंगुर होते हैं और ऊष्मा एवं विद्युत के कमजोर चालक होते हैं, हालांकि ग्रेफाइट एक अपवाद है।
3. अभिक्रियाशीलता श्रेणी
धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में रखने से अभिक्रियाशीलता श्रेणी मिलती है।
4. आयनिक यौगिक
धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से आयनिक यौगिक बनते हैं।
5. धातु का निष्कर्षण
अयस्क से धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया धातु निष्कर्षण कहलाती है।
6. मिश्रधातु
दो या अधिक धातुओं या धातु-अधातु के समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. धातु और अधातु में दो अंतर बताइए।
धातुएँ सामान्यतः चमकीली, तन्य और विद्युत की सुचालक होती हैं। अधातुएँ सामान्यतः भंगुर और विद्युत की कुचालक होती हैं। ग्रेफाइट विद्युत चालक अधातु का अपवाद है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. आयनिक यौगिकों के तीन गुण लिखिए।
आयनिक यौगिक सामान्यतः कठोर और उच्च गलनांक वाले होते हैं। ठोस अवस्था में वे विद्युत के कुचालक लेकिन पिघली या जलीय अवस्था में विद्युत का संचालन कर सकते हैं। वे प्रायः जल में घुलनशील होते हैं।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. धातु निष्कर्षण की सामान्य प्रक्रिया समझाइए।
पहले अयस्क का सांद्रीकरण करके अशुद्धियाँ हटाई जाती हैं। इसके बाद उपयुक्त विधि से धातु यौगिक में परिवर्तित किया जाता है। मध्यम क्रियाशील धातुओं के लिए अपचयन तथा अधिक क्रियाशील धातुओं के लिए वैद्युत अपघटन जैसी विधियाँ उपयोग की जाती हैं। अंत में प्राप्त धातु का शोधन किया जाता है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक (06 अंक)
1. कार्बन की विशेषता
कार्बन में चतुसंयोजकता और श्रृंखलन की क्षमता होती है, इसलिए यह बहुत बड़ी संख्या में यौगिक बनाता है।
2. संतृप्त और असंतृप्त यौगिक
एकल बंध वाले हाइड्रोकार्बन संतृप्त और द्वि/त्रिबंध वाले हाइड्रोकार्बन असंतृप्त कहलाते हैं।
3. समजातीय श्रेणी
समान प्रकार के प्रकार्यात्मक समूह और सामान्य सूत्र वाले यौगिकों की श्रेणी, जिनके क्रमिक सदस्यों में –CH₂– का अंतर हो, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
4. प्रकार्यात्मक समूह
| समूह | उदाहरण |
| –OH | ऐल्कोहॉल |
| –CHO | ऐल्डिहाइड |
| >CO | कीटोन |
| –COOH | कार्बोक्सिलिक अम्ल |
5. एथेनॉल
C₂H₅OH
6. एथेनोइक अम्ल
CH₃COOH
7. साबुन और डिटर्जेंट
साबुन उच्च वसीय अम्लों के सोडियम/पोटैशियम लवण होते हैं। डिटर्जेंट सामान्यतः सल्फोनेट/सल्फेट समूह वाले कृत्रिम सफाई पदार्थ हैं।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. कार्बन बहुत अधिक यौगिक क्यों बनाता है?
कार्बन की चतुसंयोजकता और catenation अर्थात् स्वयं से लंबी श्रृंखला बनाने की क्षमता के कारण यह असंख्य यौगिक बनाता है।
प्रश्न. संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन क्या हैं?
केवल एकल C–C बंध वाले हाइड्रोकार्बन संतृप्त तथा द्वि या त्रिबंध वाले हाइड्रोकार्बन असंतृप्त कहलाते हैं।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. एथेनॉल के दो रासायनिक गुण लिखिए।
एथेनॉल सोडियम से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन देता है। इसके निर्जलीकरण से एथीन प्राप्त होता है। इसका ऑक्सीकरण करके एथेनोइक अम्ल भी प्राप्त किया जा सकता है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. साबुन की सफाई प्रक्रिया समझाइए।
साबुन के अणु में जलप्रिय और जलविरोधी दोनों भाग होते हैं। जलविरोधी हाइड्रोकार्बन भाग तेल और चिकनाई से जुड़ता है जबकि आयनिक जलप्रिय सिरा पानी में रहता है। साबुन के अणु चिकनाई को घेरकर micelle बनाते हैं और धोने पर पानी के साथ बह जाते हैं। कठोर जल में Ca²⁺ और Mg²⁺ के कारण scum बन सकता है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 5 — जैव प्रक्रम (08 अंक)
1. पोषण
जीवों द्वारा भोजन प्राप्त करने और उसका उपयोग करने की प्रक्रिया पोषण कहलाती है। पौधे स्वपोषी होते हैं जबकि मनुष्य परपोषी है।
2. प्रकाश संश्लेषण
6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂
3. मानव पाचन
मुँह → ग्रसनी → ग्रासनली → आमाशय → छोटी आँत → बड़ी आँत → मलाशय → गुदा।
4. श्वसन
भोजन के अणुओं से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है।
5. वायवीय श्वसन
ऑक्सीजन की उपस्थिति में ग्लूकोज़ का पूर्ण अपघटन होकर अधिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
6. रक्त परिसंचरण
हृदय रक्त को फेफड़ों और पूरे शरीर में पंप करता है। मानव में चार कक्षों वाला हृदय होता है।
7. द्वि-परिसंचरण
एक पूर्ण परिसंचरण में रक्त हृदय से दो बार गुजरता है—फुफ्फुसीय और शारीरिक परिसंचरण।
8. उत्सर्जन
शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन कहलाती है। मनुष्य में मुख्य उत्सर्जी अंग वृक्क हैं।
9. नेफ्रॉन
नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. प्रकाश संश्लेषण क्या है?
हरे पौधों द्वारा सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में CO₂ और जल से ग्लूकोज़ बनाने की प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है। इसमें ऑक्सीजन उप-उत्पाद के रूप में निकलती है।
प्रश्न. नेफ्रॉन क्या है?
नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। इसमें रक्त का निस्यंदन, पुनरवशोषण और मूत्र निर्माण होता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. मानव में रक्त का द्वि-परिसंचरण समझाइए।
फुफ्फुसीय परिसंचरण में हृदय से deoxygenated रक्त फेफड़ों तक जाता है और oxygenated होकर लौटता है। शारीरिक परिसंचरण में यह oxygenated रक्त हृदय से शरीर तक जाता है तथा deoxygenated रक्त वापस हृदय में आता है। इससे ऑक्सीजनयुक्त और ऑक्सीजनरहित रक्त अलग रहते हैं।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. मनुष्य में पाचन की प्रक्रिया समझाइए।
मुँह में भोजन चबाया जाता है और लार में उपस्थित एंजाइम स्टार्च का पाचन प्रारंभ करते हैं। आमाशय में अम्ल एवं एंजाइम प्रोटीन के पाचन में सहायता करते हैं। छोटी आँत में पित्त और अग्न्याशयी रस तथा आंतों के एंजाइम भोजन का पूर्ण पाचन करते हैं। पचे हुए पोषक पदार्थ छोटी आँत की विल्ली द्वारा अवशोषित होते हैं। बड़ी आँत जल का अवशोषण करती है और अपशिष्ट बाहर निकलता है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 6 — नियंत्रण एवं समन्वय (06 अंक)
1. तंत्रिका तंत्र
तंत्रिका तंत्र शरीर की गतिविधियों का नियंत्रण और समन्वय करता है। इसमें मस्तिष्क, मेरुरज्जु और तंत्रिकाएँ शामिल हैं।
2. न्यूरॉन
न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है।
3. प्रतिवर्त क्रिया
किसी उद्दीपन के प्रति बहुत तीव्र और अनैच्छिक प्रतिक्रिया प्रतिवर्त क्रिया कहलाती है। इसका नियंत्रण प्रायः मेरुरज्जु द्वारा किया जाता है।
4. हार्मोन
अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक हार्मोन कहलाते हैं।
| ग्रंथि | हार्मोन | प्रमुख कार्य |
| अग्न्याशय | इंसुलिन | रक्त शर्करा नियंत्रण |
| थायरॉयड | थायरॉक्सिन | चयापचय |
| अधिवृक्क | एड्रेनालिन | आपात प्रतिक्रिया |
| वृषण | टेस्टोस्टेरोन | पुरुष लक्षण |
| अंडाशय | एस्ट्रोजन | महिला लक्षण |
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. प्रतिवर्त क्रिया क्या है?
किसी उद्दीपन के प्रति होने वाली तीव्र, स्वतः और अनैच्छिक प्रतिक्रिया प्रतिवर्त क्रिया कहलाती है।
प्रश्न. इंसुलिन का कार्य क्या है?
इंसुलिन रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को नियंत्रित करता है और अतिरिक्त ग्लूकोज़ के कोशिकीय उपयोग/संग्रहण में सहायता करता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. प्रतिवर्त चाप समझाइए।
उद्दीपन receptor द्वारा ग्रहण किया जाता है। संवेदी न्यूरॉन संदेश को मेरुरज्जु तक पहुँचाता है। वहाँ से motor neuron के माध्यम से effector अंग तक संदेश जाता है और प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है। इस मार्ग को reflex arc कहते हैं।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. तंत्रिका नियंत्रण और हार्मोनल नियंत्रण में अंतर बताइए।
तंत्रिका नियंत्रण विद्युत आवेगों और न्यूरॉन के माध्यम से होता है और इसकी प्रतिक्रिया तेज होती है। हार्मोनल नियंत्रण रासायनिक हार्मोन द्वारा रक्त के माध्यम से होता है और इसका प्रभाव अपेक्षाकृत धीमा लेकिन लंबे समय तक रह सकता है। तंत्रिका नियंत्रण विशिष्ट और शीघ्र प्रतिक्रिया के लिए उपयुक्त है, जबकि हार्मोन वृद्धि, चयापचय और प्रजनन जैसी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 7 — जीव जनन कैसे करते हैं? (06 अंक)
1. जनन
जीवों द्वारा अपनी प्रजाति के नए जीव उत्पन्न करने की प्रक्रिया जनन कहलाती है।
2. अलैंगिक जनन
- द्विखंडन
- मुकुलन
- खंडन
- बीजाणु निर्माण
- वनस्पतिक प्रवर्धन
3. लैंगिक जनन
नर एवं मादा युग्मकों के संलयन द्वारा संतान उत्पन्न करने की प्रक्रिया लैंगिक जनन है। इससे विविधता उत्पन्न होती है।
4. मानव जनन
मानव में नर और मादा जनन तंत्र अलग-अलग होते हैं। शुक्राणु और अंडाणु के संलयन से युग्मनज बनता है।
5. गर्भावस्था
निषेचन के बाद भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है। प्लेसेंटा पोषण और गैसों के आदान-प्रदान में सहायता करता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. अलैंगिक जनन क्या है?
एक ही जनक से, बिना युग्मक संलयन के संतान उत्पन्न होने की प्रक्रिया अलैंगिक जनन कहलाती है। इसमें सामान्यतः आनुवंशिक विविधता कम होती है।
प्रश्न. लैंगिक जनन का एक लाभ लिखिए।
लैंगिक जनन से आनुवंशिक विविधता उत्पन्न होती है, जिससे बदलते पर्यावरण में अनुकूलन की संभावना बढ़ती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. अलैंगिक और लैंगिक जनन में तीन अंतर बताइए।
अलैंगिक जनन में सामान्यतः एक जनक होता है, लैंगिक जनन में दो युग्मकों की भूमिका होती है। अलैंगिक जनन में युग्मक संलयन नहीं होता, जबकि लैंगिक जनन में होता है। लैंगिक जनन आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करता है, जबकि अलैंगिक जनन में संतान सामान्यतः जनक के समान होती है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. मानव में लैंगिक जनन की प्रमुख अवस्थाएँ समझाइए।
नर जनन तंत्र में शुक्राणु बनते हैं और मादा जनन तंत्र में अंडाणु बनते हैं। शुक्राणु और अंडाणु के संलयन से निषेचन द्वारा युग्मनज बनता है। युग्मनज विभाजित होकर भ्रूण बनता है और गर्भाशय में आरोपित होकर विकसित होता है। गर्भावस्था के दौरान भ्रूण को पोषण और ऑक्सीजन प्लेसेंटा के माध्यम से प्राप्त होती है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 8 — आनुवंशिकता (04 अंक)
1. आनुवंशिकता
माता-पिता से संतान में लक्षणों का संचरण आनुवंशिकता कहलाता है।
2. मेंडल
ग्रेगर जॉन मेंडल ने मटर के पौधों पर प्रयोग कर वंशागति के नियम बताए।
3. जीन और गुणसूत्र
जीन आनुवंशिक सूचना की इकाई है। जीन DNA पर स्थित होते हैं और गुणसूत्रों पर व्यवस्थित रहते हैं।
4. प्रभुत्व
विषमयुग्मजी अवस्था में व्यक्त होने वाला लक्षण प्रभावी या dominant और अप्रकट रहने वाला recessive होता है।
5. लिंग निर्धारण
मनुष्य में स्त्री XX और पुरुष XY होता है। पुरुष का X या Y शुक्राणु संतान का लिंग निर्धारित करता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. जीन क्या है?
DNA का वह विशिष्ट भाग जो किसी लक्षण या कार्य के लिए आनुवंशिक सूचना वहन करता है, जीन कहलाता है।
प्रश्न. मनुष्य में लिंग निर्धारण समझाइए।
स्त्री XX तथा पुरुष XY होता है। स्त्री के अंडाणु X-युक्त होते हैं जबकि पुरुष X और Y दोनों प्रकार के शुक्राणु बनाता है। X शुक्राणु से XX और Y शुक्राणु से XY संतान बनती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. एकसंकर संकरण का 3:1 अनुपात समझाइए।
यदि शुद्ध लंबे पौधे TT और बौने पौधे tt का संकरण कराया जाए तो F₁ में सभी Tt लंबे होंगे। F₁ के स्वपरागण से F₂ में TT, Tt, Tt, tt प्राप्त होंगे। इसलिए फीनोटाइपिक अनुपात 3 लंबे : 1 बौना मिलता है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 9 — प्रकाश: परावर्तन एवं अपवर्तन (08 अंक)
1. परावर्तन के नियम
- आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होते हैं।
- आपतन कोण = परावर्तन कोण।
2. दर्पण सूत्र
1/f = 1/v + 1/u
3. दर्पण का आवर्धन
m = hᵢ/h₀ = −v/u
4. अपवर्तन
प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर उसकी चाल और दिशा में परिवर्तन अपवर्तन कहलाता है।
5. स्नेल का नियम
sin i/sin r = constant
6. अपवर्तनांक
n = c/v
7. लेंस सूत्र
1/f = 1/v − 1/u
8. लेंस का आवर्धन
m = v/u = hᵢ/h₀
9. लेंस की शक्ति
P = 1/f
जहाँ f मीटर में है। शक्ति का मात्रक डायोप्टर है।
10. उत्तल एवं अवतल लेंस
उत्तल लेंस सामान्यतः अभिसारी और अवतल लेंस अपसारी लेंस होता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. परावर्तन के दो नियम लिखिए।
आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होते हैं। दूसरा, आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।
प्रश्न 2. अपवर्तनांक क्या है?
निर्वात में प्रकाश की चाल और माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं। n=c/v।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. दर्पण सूत्र का उपयोग करते हुए 20 cm focal length वाले concave mirror में 30 cm दूर रखी वस्तु का image position ज्ञात कीजिए।
संकेत परंपरा में f=−20 cm, u=−30 cm।
1/f=1/v+1/u
−1/20=1/v−1/30
1/v=−1/20+1/30
=−1/60
अतः v=−60 cm।
अर्थात् प्रतिबिंब दर्पण के सामने 60 cm पर बनेगा।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिंब निर्माण के प्रमुख नियम समझाइए।
मुख्यतः किरणों के दो नियम उपयोगी हैं। मुख्य अक्ष के समानांतर आने वाली किरण उत्तल लेंस से निकलकर दूसरी ओर मुख्य फोकस से होकर गुजरती है। प्रकाशिक केंद्र से गुजरने वाली किरण लगभग बिना विचलन के निकलती है। वस्तु की स्थिति के अनुसार वास्तविक/आभासी, उल्टा/सीधा तथा बड़ा/छोटा प्रतिबिंब प्राप्त हो सकता है। लेंस सूत्र 1/f=1/v−1/u तथा magnification m=v/u से स्थिति और आकार की गणना की जाती है।
प्रश्न. 20 cm focal length वाले convex lens की power ज्ञात कीजिए।
f=20 cm=0.20 m
P=1/f=1/0.20=+5 D
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Numericals • Diagrams
अध्याय 10 — मानव नेत्र एवं रंग-बिरंगा संसार (05 अंक)
1. मानव नेत्र
मानव नेत्र एक प्रकाशीय यंत्र है जो प्रकाश को retina पर केंद्रित करके दृष्टि उत्पन्न करता है।
2. समंजन
आँख की lens की focal length को बदलकर विभिन्न दूरियों की वस्तुओं को स्पष्ट देखने की क्षमता समंजन कहलाती है।
3. निकट बिंदु
सामान्य नेत्र के लिए स्पष्ट दृष्टि का निकटतम बिंदु लगभग 25 cm होता है।
4. दूर बिंदु
सामान्य आँख का दूर बिंदु अनंत होता है।
5. दृष्टि दोष
- निकट दृष्टिदोष — Myopia
- दूर दृष्टिदोष — Hypermetropia
- जरा-दूरदृष्टिता — Presbyopia
6. दृष्टिदोष सुधार
Myopia को concave lens तथा Hypermetropia को convex lens से सुधारा जाता है।
7. प्रकाश का प्रकीर्णन
वायुमंडल में प्रकाश का विभिन्न दिशाओं में फैलना scattering कहलाता है। आकाश का नीला रंग प्रकीर्णन से संबंधित है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. निकट दृष्टिदोष क्या है?
निकट दृष्टिदोष में निकट की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई देती हैं लेकिन दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं। इसे concave lens द्वारा सुधारा जाता है।
प्रश्न 2. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है?
वायुमंडल के छोटे कण छोटी तरंगदैर्ध्य वाले नीले प्रकाश का अधिक प्रकीर्णन करते हैं। इसलिए आकाश नीला दिखाई देता है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. Myopia और Hypermetropia में अंतर बताइए।
Myopia में दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं और concave lens से सुधार होता है। Hypermetropia में निकट की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं और convex lens से सुधार किया जाता है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. मानव नेत्र की समंजन क्षमता समझाइए।
मानव नेत्र में ciliary muscles lens की वक्रता बदलते हैं। पास की वस्तु देखने के लिए lens अधिक मोटा और उसकी focal length कम होती है। दूर की वस्तु देखने के लिए lens अपेक्षाकृत पतला और focal length अधिक होती है। इस परिवर्तन की क्षमता को accommodation कहते हैं। सामान्य आँख लगभग 25 cm से अनंत तक वस्तुओं को स्पष्ट देख सकती है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Exam Preparation
अध्याय 11 — विद्युत (06 अंक)
1. विद्युत धारा
I=Q/t
2. विभवांतर
दो बिंदुओं के बीच इकाई आवेश को स्थानांतरित करने में किए गए कार्य को विभवांतर कहते हैं।
3. ओम का नियम
V=IR
4. प्रतिरोध
R=ρL/A
5. श्रेणी संयोजन
R=R₁+R₂+R₃
6. समानांतर संयोजन
1/R=1/R₁+1/R₂+1/R₃
7. विद्युत शक्ति
P=VI=I²R=V²/R
8. विद्युत ऊर्जा
W=Pt
9. जूल का ऊष्मीय नियम
H=I²Rt
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. ओम का नियम लिखिए।
स्थिर तापमान पर चालक में बहने वाली धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है। V=IR।
प्रश्न 2. विद्युत शक्ति का सूत्र लिखिए।
P=VI=I²R=V²/R
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. 5 Ω प्रतिरोध में 2 A धारा बह रही है। विभवांतर और शक्ति ज्ञात कीजिए।
V=IR=2×5=10 V
P=VI=10×2=20 W
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. 2 Ω और 4 Ω के प्रतिरोध series तथा parallel में जोड़े जाएँ तो तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
Series: R=2+4=6 Ω
Parallel:
1/R=1/2+1/4=3/4
अतः R=4/3 Ω ≈1.33 Ω।
प्रश्न. 100 W का पंखा 5 घंटे प्रतिदिन चलता है। 10 दिनों में ऊर्जा खपत कितनी होगी?
शक्ति=100 W=0.1 kW
समय=5×10=50 घंटे
ऊर्जा=0.1×50=5 kWh
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Numericals
अध्याय 12 — विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (05 अंक)
1. चुंबकीय क्षेत्र
चुंबक या धारावाही चालक के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें चुंबकीय प्रभाव अनुभव किया जाता है, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है।
2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ
चुंबकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाने वाली काल्पनिक रेखाएँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कहलाती हैं।
3. धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र
धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
4. दायाँ हाथ अंगूठा नियम
दाहिने हाथ का अंगूठा धारा की दिशा में रखने पर मुड़ी हुई उँगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
5. विद्युत मोटर
विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने वाला उपकरण विद्युत मोटर है।
6. विद्युतचुंबकीय प्रेरण
चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन के कारण चालक में प्रेरित विद्युत धारा उत्पन्न होना विद्युतचुंबकीय प्रेरण कहलाता है।
7. विद्युत जनित्र
यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाला उपकरण विद्युत जनित्र है।
8. फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम
मोटर में बल/गति की दिशा निर्धारित करने के लिए प्रयोग होता है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न. दायाँ हाथ अंगूठा नियम क्या है?
दाहिने हाथ के अंगूठे को धारा की दिशा में रखने पर मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
प्रश्न. विद्युत मोटर क्या करती है?
विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. विद्युत मोटर का सिद्धांत समझाइए।
चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली पर बल लगता है। कुंडली के दोनों पक्षों पर विपरीत दिशाओं में बल लगने से बल आघूर्ण उत्पन्न होता है और कुंडली घूमती है। इसी सिद्धांत पर विद्युत मोटर काम करती है।
4 अंक प्रश्न
प्रश्न. विद्युतचुंबकीय प्रेरण एवं विद्युत जनित्र का सिद्धांत समझाइए।
जब किसी कुंडली से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है तो उसमें प्रेरित emf उत्पन्न होती है। इसे विद्युतचुंबकीय प्रेरण कहते हैं। जनित्र में कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाने पर फ्लक्स बदलता है और प्रेरित धारा उत्पन्न होती है। इस प्रकार यांत्रिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदल जाती है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Diagrams
अध्याय 13 — हमारा पर्यावरण (03 अंक)
1. पारितंत्र
जीवित घटकों और अजैविक घटकों के बीच पारस्परिक संबंध से बना तंत्र पारितंत्र कहलाता है।
2. खाद्य श्रृंखला
उत्पादक से उपभोक्ताओं तक ऊर्जा के क्रमिक स्थानांतरण की श्रृंखला खाद्य श्रृंखला कहलाती है।
3. खाद्य जाल
कई खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़े होने से खाद्य जाल बनता है।
4. जैव अपघटनीय और अजैव अपघटनीय पदार्थ
सूक्ष्मजीवों द्वारा आसानी से विघटित होने वाले पदार्थ जैव अपघटनीय हैं। जो आसानी से विघटित न हों वे अजैव अपघटनीय हैं।
5. ओजोन
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है।
2 अंक प्रश्न
प्रश्न 1. जैव अपघटनीय पदार्थ क्या हैं?
वे पदार्थ जो सूक्ष्मजीवों की क्रिया से प्राकृतिक रूप से आसानी से टूट जाते हैं, जैव अपघटनीय पदार्थ कहलाते हैं।
प्रश्न 2. ओजोन परत का महत्व क्या है?
ओजोन परत सूर्य की हानिकारक UV किरणों का अधिकांश भाग अवशोषित कर जीवों की रक्षा करती है।
3 अंक प्रश्न
प्रश्न. खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा का प्रवाह समझाइए।
ऊर्जा सूर्य से उत्पादकों में आती है और फिर शाकाहारी, मांसाहारी तथा उच्च उपभोक्ताओं तक जाती है। प्रत्येक trophic level पर ऊर्जा का एक बड़ा भाग चयापचय में खर्च होता है, इसलिए ऊपर के स्तरों पर उपलब्ध ऊर्जा कम होती जाती है।
gyan deep info
mp education gyan deep
Science • Notes • Environment
कक्षा 10वीं विज्ञान — वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का मॉडल अभ्यास
सही विकल्प
- संयोजन अभिक्रिया में— एक उत्पाद बनता है
- अम्ल का pH सामान्यतः— 7 से कम
- धातुओं का सामान्य गुण है— विद्युत चालकता
- कार्बन की संयोजकता है— 4
- प्रकाश संश्लेषण में निकलने वाली गैस है— ऑक्सीजन
- वृक्क की क्रियात्मक इकाई है— नेफ्रॉन
- मानव में निषेचन सामान्यतः होता है— अंडवाहिनी में
- आनुवंशिकता के नियमों के लिए प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं— मेंडल
- दर्पण सूत्र है— 1/f=1/v+1/u
- Myopia का सुधार होता है— concave lens से
- ओम का नियम है— V=IR
- विद्युत मोटर बदलती है— विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में
- ओजोन किससे बचाती है? — UV किरणों से
- विद्युत शक्ति का सूत्र है— P=VI
- बेकिंग सोडा का सूत्र है— NaHCO₃
रिक्त स्थान — उत्तर सहित
- रासायनिक अभिक्रिया में बनने वाले नए पदार्थ ________ कहलाते हैं। — उत्पाद
- उदासीनीकरण में अम्ल और क्षार से ________ और जल बनते हैं। — लवण
- धातु का वायु और नमी के कारण नष्ट होना ________ है। — संक्षारण
- कार्बन की संयोजकता ________ है। — चार
- वृक्क की क्रियात्मक इकाई ________ है। — नेफ्रॉन
- न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की ________ इकाई है। — संरचनात्मक और क्रियात्मक
- नर युग्मक को ________ कहते हैं। — शुक्राणु
- DNA की इकाई ________ है। — जीन/न्यूक्लियोटाइड संदर्भानुसार
- लेंस की शक्ति का मात्रक ________ है। — डायोप्टर
- विद्युत धारा का SI मात्रक ________ है। — एम्पियर
सत्य / असत्य — उत्तर सहित
- अपघटन अभिक्रिया में एक पदार्थ से अनेक उत्पाद बन सकते हैं। — सत्य
- pH=7 का विलयन अम्लीय होता है। — असत्य
- सभी अधातु विद्युत के अच्छे चालक हैं। — असत्य
- एथेनॉल एक कार्बनिक यौगिक है। — सत्य
- प्रकाश संश्लेषण में ऑक्सीजन निकलती है। — सत्य
- नेफ्रॉन फेफड़े की इकाई है। — असत्य
- हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक हैं। — सत्य
- लैंगिक जनन में आनुवंशिक विविधता उत्पन्न हो सकती है। — सत्य
- Myopia का correction convex lens से होता है। — असत्य
- ओम का नियम स्थिर तापमान पर लागू किया जाता है। — सत्य
सही जोड़ी
| कॉलम A | कॉलम B |
| 1. NaHCO₃ | बेकिंग सोडा |
| 2. CaSO₄·½H₂O | प्लास्टर ऑफ पेरिस |
| 3. नेफ्रॉन | वृक्क |
| 4. इंसुलिन | रक्त शर्करा नियंत्रण |
| 5. फोकस दूरी | लेंस/दर्पण |
| 6. V=IR | ओम का नियम |
एक वाक्य में उत्तर
- ऑक्सीकरण क्या है? — ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का हटना जैसी प्रक्रिया।
- pH क्या बताता है? — विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति।
- चतुसंयोजकता किस तत्व की विशेषता है? — कार्बन।
- प्रकाश संश्लेषण क्या है? — पौधों द्वारा प्रकाश की उपस्थिति में भोजन बनाने की प्रक्रिया।
- नेफ्रॉन क्या है? — वृक्क की क्रियात्मक इकाई।
- न्यूरॉन क्या है? — तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई।
- निषेचन क्या है? — नर एवं मादा युग्मकों का संलयन।
- जीन क्या है? — आनुवंशिक सूचना की इकाई।
- लेंस की शक्ति का सूत्र क्या है? — P=1/f
- विद्युत धारा क्या है? — आवेश के प्रवाह की दर।
- ओजोन परत का महत्व क्या है? — UV किरणों से रक्षा।
- विद्युत मोटर क्या करती है? — विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
महत्वपूर्ण संख्यात्मक प्रश्न — उत्तर सहित
प्रश्न 1. 10 Ω के प्रतिरोध में 2 A धारा बह रही है। विभवांतर ज्ञात कीजिए।
V=IR=2×10=20 V
प्रश्न 2. 220 V पर 100 W का बल्ब 5 घंटे चलता है। ऊर्जा खपत kWh में ज्ञात कीजिए।
P=100 W=0.1 kW
W=Pt=0.1×5=0.5 kWh
प्रश्न 3. दो प्रतिरोध 6 Ω और 3 Ω parallel में जुड़े हैं। तुल्य प्रतिरोध ज्ञात कीजिए।
1/R=1/6+1/3=1/6+2/6=3/6=1/2
अतः R=2 Ω
प्रश्न 4. एक convex lens की focal length 25 cm है। उसकी शक्ति ज्ञात कीजिए।
f=0.25 m
P=1/0.25=+4 D
प्रश्न 5. 20 Ω के प्रतिरोध में 3 A धारा बहती है। 10 s में उत्पन्न ऊष्मा ज्ञात कीजिए।
H=I²Rt=3²×20×10
=9×200=1800 J
प्रश्न 6. किसी concave mirror की focal length 15 cm है और वस्तु 30 cm पर रखी है। image position बताइए।
f=−15 cm, u=−30 cm
1/f=1/v+1/u
−1/15=1/v−1/30
1/v=−1/30
अतः v=−30 cm।
प्रश्न 7. 5 A धारा 20 s तक बहती है। कुल आवेश कितना होगा?
Q=It=5×20=100 C
प्रश्न 8. 2 kW का heater 3 घंटे चलता है। विद्युत ऊर्जा कितनी होगी?
W=Pt=2×3=6 kWh
4 अंक के अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न — मॉडल उत्तर
प्रश्न 1. रासायनिक अभिक्रियाओं के विभिन्न प्रकार उदाहरण सहित समझाइए।
संयोजन: A+B→AB; उदाहरण CaO+H₂O→Ca(OH)₂।
अपघटन: AB→A+B; उदाहरण CaCO₃→CaO+CO₂।
विस्थापन: A+BC→AC+B; उदाहरण Zn+CuSO₄→ZnSO₄+Cu।
द्विविस्थापन: AB+CD→AD+CB; उदाहरण Na₂SO₄+BaCl₂→BaSO₄+2NaCl।
प्रश्न 2. धातुओं एवं अधातुओं के प्रमुख गुणों की तुलना कीजिए।
धातुएँ सामान्यतः चमकीली, तन्य, आघातवर्धनीय और विद्युत की सुचालक होती हैं। अधातु सामान्यतः भंगुर, कम चमकीले और विद्युत के कुचालक होते हैं। धातुएँ प्रायः इलेक्ट्रॉन देकर धनायन बनाती हैं जबकि अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण या साझेदारी करके यौगिक बनाते हैं।
प्रश्न 3. मानव परिसंचरण तंत्र समझाइए।
मानव हृदय चार कक्षों—दो आलिंद और दो निलय—से बना है। दायाँ भाग deoxygenated रक्त को फेफड़ों तक भेजता है और बायाँ भाग oxygenated रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है। फुफ्फुसीय तथा शारीरिक परिसंचरण मिलकर द्वि-परिसंचरण बनाते हैं। इससे शरीर के विभिन्न भागों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है।
प्रश्न 4. मानव में तंत्रिका एवं हार्मोनल नियंत्रण की तुलना कीजिए।
तंत्रिका नियंत्रण विद्युत आवेगों द्वारा न्यूरॉनों से होता है और बहुत तेज होता है। हार्मोनल नियंत्रण अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहकों से होता है और रक्त के माध्यम से पहुँचता है। तंत्रिका नियंत्रण तत्काल प्रतिक्रिया के लिए तथा हार्मोनल नियंत्रण वृद्धि, विकास, चयापचय और प्रजनन जैसी दीर्घकालिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 5. मानव में लैंगिक जनन की प्रक्रिया समझाइए।
नर जनन तंत्र में शुक्राणु और मादा जनन तंत्र में अंडाणु बनते हैं। निषेचन में शुक्राणु और अंडाणु का संलयन होकर युग्मनज बनता है। युग्मनज विभाजित होकर भ्रूण बनता है और गर्भाशय की दीवार में आरोपित होता है। प्लेसेंटा भ्रूण को पोषण, ऑक्सीजन तथा अपशिष्ट विनिमय की सुविधा देता है।
प्रश्न 6. दर्पण और लेंस के सूत्रों का उपयोग समझाइए।
दर्पण के लिए 1/f=1/v+1/u और आवर्धन m=−v/u होता है। पतले लेंस के लिए 1/f=1/v−1/u तथा m=v/u। इन सूत्रों की सहायता से image position, image size और प्रकृति ज्ञात की जाती है। Sign convention का सही उपयोग आवश्यक है।
प्रश्न 7. विद्युत धारा, विभवांतर, प्रतिरोध एवं विद्युत शक्ति का संबंध समझाइए।
विद्युत धारा आवेश के प्रवाह की दर है: I=Q/t। विभवांतर प्रति इकाई आवेश किया गया कार्य है। ओम के नियम के अनुसार V=IR। विद्युत शक्ति P=VI होती है और इसे I²R या V²/R भी लिखा जा सकता है।
प्रश्न 8. विद्युत मोटर के सिद्धांत और कार्य को समझाइए।
चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली पर बल लगता है। कुंडली के दोनों पक्षों पर विपरीत दिशाओं के बल से बल आघूर्ण उत्पन्न होता है और कुंडली घूमती है। विभाजित वलय (split ring) धारा की दिशा बदलता रहता है, जिससे कुंडली लगातार एक ही दिशा में घूमती रहती है। इस प्रकार विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदला जाता है।
अत्यंत महत्वपूर्ण आरेख — परीक्षा में अवश्य अभ्यास करें
रसायन
रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार • साबुन micelle • धातु निष्कर्षण का सामान्य प्रवाह
जीव विज्ञान
मानव पाचन तंत्र • हृदय • नेफ्रॉन • न्यूरॉन • पुरुष/महिला जनन तंत्र
आनुवंशिकता
एकसंकर संकरण • DNA का मूल मॉडल
प्रकाश
अवतल दर्पण ray diagrams • उत्तल lens ray diagrams • मानव नेत्र
विद्युत
Series/Parallel circuit • विद्युत मोटर • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ
पर्यावरण
Food chain • Food web • Ozone layer
आरेख में ध्यान रखें: पेंसिल से साफ आकृति बनाएँ, सभी आवश्यक parts को label करें और arrows/किरणों की दिशा स्पष्ट रखें।
कक्षा 10वीं विज्ञान — 50 अत्यंत महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न एवं मॉडल उत्तर
प्रश्न 1. रासायनिक अभिक्रिया क्या है?
वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक पदार्थों में रासायनिक परिवर्तन होकर नए गुणों वाले एक या अधिक पदार्थ बनते हैं, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण: 2Mg + O₂ → 2MgO
प्रश्न 2. रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
रासायनिक समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार अभिक्रिया के पहले और बाद प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होनी चाहिए। संतुलित समीकरण अभिक्रिया में भाग लेने वाले पदार्थों का सही अनुपात भी बताता है।
प्रश्न 3. संयोजन और अपघटन अभिक्रिया में अंतर बताइए।
संयोजन अभिक्रिया: दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।
उदाहरण: CaO + H₂O → Ca(OH)₂
अपघटन अभिक्रिया: एक यौगिक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ बनाता है।
उदाहरण: CaCO₃ → CaO + CO₂
प्रश्न 4. ऑक्सीकरण और अपचयन समझाइए।
किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का निकलना अथवा इलेक्ट्रॉनों का त्याग ऑक्सीकरण कहलाता है।
ऑक्सीजन का हटना या हाइड्रोजन का जुड़ना अथवा इलेक्ट्रॉनों का ग्रहण अपचयन कहलाता है।
उदाहरण: CuO + H₂ → Cu + H₂O में CuO का अपचयन तथा H₂ का ऑक्सीकरण होता है।
प्रश्न 5. संक्षारण क्या है?
धातुओं का अपने वातावरण में उपस्थित ऑक्सीजन, नमी आदि के साथ अभिक्रिया करके धीरे-धीरे खराब या नष्ट होना संक्षारण कहलाता है।
उदाहरण: लोहे पर जंग लगना।
संक्षारण से बचाने के लिए पेंटिंग, तेल/ग्रीस लगाना, galvanization आदि विधियाँ अपनाई जाती हैं।
प्रश्न 6. विकृतगंधिता क्या है?
वसा और तेलों का वायु के ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकरण होकर खराब गंध तथा स्वाद उत्पन्न करना विकृतगंधिता कहलाता है।
इसे रोकने के लिए खाद्य पदार्थों को वायुरोधी पात्र में रखना, refrigerate करना और antioxidants का उपयोग करना उपयोगी है।
प्रश्न 7. pH क्या है?
pH किसी जलीय विलयन की अम्लीय या क्षारीय प्रकृति का माप है।
pH का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय, 7 पर उदासीन तथा 7 से अधिक होने पर क्षारीय होता है।
pH = 7 — उदासीन, pH < 7 — अम्लीय, pH > 7 — क्षारीय।
प्रश्न 8. अम्ल और क्षार में अंतर बताइए।
अम्ल जल में H⁺ आयन प्रदान करते हैं और सामान्यतः pH 7 से कम होता है। क्षार जल में OH⁻ आयन प्रदान करते हैं और सामान्यतः pH 7 से अधिक होता है। अम्ल नीले litmus को लाल तथा क्षार लाल litmus को नीला कर सकते हैं।
प्रश्न 9. बेकिंग सोडा के उपयोग बताइए।
बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट और सूत्र NaHCO₃ है। इसके प्रमुख उपयोग हैं:
1. केक और bread को फुलाने में।
2. antacid के रूप में अम्लता कम करने में।
3. अग्निशामक यंत्रों में CO₂ उत्पन्न करने में।
प्रश्न 10. वाशिंग सोडा का सूत्र एवं उपयोग लिखिए।
वाशिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट और सूत्र Na₂CO₃·10H₂O है।
इसके उपयोग:
1. कपड़े धोने में।
2. कठोर जल को मृदु बनाने में।
3. काँच, साबुन और कागज उद्योग में।
प्रश्न 11. धातु एवं अधातु के गुण बताइए।
धातु: सामान्यतः चमकीली, तन्य, आघातवर्धनीय तथा विद्युत और ऊष्मा की सुचालक होती हैं।
अधातु: सामान्यतः भंगुर, कम चमकीले तथा ऊष्मा एवं विद्युत के कुचालक होते हैं।
ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक अधातु है, इसलिए यह एक महत्वपूर्ण अपवाद है।
प्रश्न 12. आयनिक यौगिकों के गुण लिखिए।
आयनिक यौगिकों के प्रमुख गुण:
1. सामान्यतः कठोर और भंगुर होते हैं।
2. इनके गलनांक एवं क्वथनांक अधिक होते हैं।
3. पिघली हुई या जलीय अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं।
4. अनेक आयनिक यौगिक जल में घुलनशील होते हैं।
प्रश्न 13. अभिक्रियाशीलता श्रेणी क्या है?
धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित करने पर प्राप्त सूची को अभिक्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं।
सामान्य क्रम:
K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
इसकी सहायता से विस्थापन अभिक्रियाओं तथा धातुओं के निष्कर्षण की संभावना समझी जा सकती है।
प्रश्न 14. कार्बन की चतुसंयोजकता और श्रृंखलन समझाइए।
कार्बन की संयोजकता 4 होती है, इसलिए वह चार सहसंयोजक बंध बना सकता है। इसे चतुसंयोजकता कहते हैं।
कार्बन परमाणु अपने ही परमाणुओं से मजबूत C–C बंध बनाकर लंबी श्रृंखला, शाखित श्रृंखला तथा वलय बना सकते हैं। इस गुण को श्रृंखलन या catenation कहते हैं।
प्रश्न 15. समजातीय श्रेणी क्या है?
ऐसे कार्बनिक यौगिकों की श्रेणी जिनमें एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह तथा समान सामान्य सूत्र हो और क्रमिक सदस्यों में –CH₂– का अंतर हो, समजातीय श्रेणी कहलाती है।
उदाहरण: CH₄, C₂H₆, C₃H₈, C₄H₁₀।
प्रश्न 16. एथेनॉल के गुण लिखिए।
एथेनॉल का सूत्र C₂H₅OH है।
इसके प्रमुख गुण:
1. यह रंगहीन द्रव है।
2. जल में घुलनशील है।
3. सोडियम से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन देता है:
2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa + H₂
4. निर्जलीकरण से एथीन बनाता है:
C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O
प्रश्न 17. साबुन की सफाई प्रक्रिया समझाइए।
साबुन के अणु में एक लंबी जलविरोधी hydrocarbon श्रृंखला और एक जलप्रिय ionic सिरा होता है। जलविरोधी सिरा तेल और चिकनाई से जुड़ता है जबकि जलप्रिय सिरा पानी में रहता है। अनेक साबुन अणु मिलकर micelle बनाते हैं और चिकनाई को घेर लेते हैं। पानी से धोने पर ये micelles बह जाते हैं और कपड़ा साफ हो जाता है।
प्रश्न 18. प्रकाश संश्लेषण क्या है?
हरे पौधों द्वारा क्लोरोफिल और सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल से ग्लूकोज़ का निर्माण करने की प्रक्रिया प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।
समीकरण:
6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂
यह प्रक्रिया पौधों को भोजन और वातावरण को ऑक्सीजन प्रदान करती है।
प्रश्न 19. मानव में पाचन की प्रक्रिया समझाइए।
भोजन का पाचन मुँह से शुरू होता है जहाँ दाँत भोजन को चबाते हैं और लार स्टार्च के पाचन की शुरुआत करती है। आमाशय में HCl और एंजाइम प्रोटीन के पाचन में सहायता करते हैं। छोटी आँत में पित्त, अग्न्याशयी रस और आंतों के एंजाइम भोजन का पाचन पूरा करते हैं। पचे हुए पोषक पदार्थ विल्ली द्वारा रक्त में अवशोषित होते हैं। बड़ी आँत जल का अवशोषण करती है और अपशिष्ट शरीर से बाहर निकलता है।
प्रश्न 20. द्वि-परिसंचरण क्या है?
मानव में एक पूर्ण रक्त परिसंचरण के दौरान रक्त हृदय से दो बार गुजरता है, इसलिए इसे द्वि-परिसंचरण कहते हैं।
1. फुफ्फुसीय परिसंचरण: हृदय → फेफड़े → हृदय।
2. शारीरिक परिसंचरण: हृदय → शरीर → हृदय।
इस व्यवस्था के कारण oxygenated और deoxygenated रक्त अलग रहते हैं और शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है।
प्रश्न 21. नेफ्रॉन की संरचना एवं कार्य लिखिए।
नेफ्रॉन वृक्क की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। इसके मुख्य भाग हैं—Bowman's capsule, glomerulus, renal tubule और collecting duct।
ग्लोमेरुलस में रक्त का निस्यंदन होता है। नलिकाओं में आवश्यक जल, ग्लूकोज़ और अन्य पदार्थों का पुनरवशोषण होता है। शेष पदार्थों से मूत्र बनता है। इस प्रकार नेफ्रॉन रक्त को शुद्ध करने और जल एवं लवण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 22. श्वसन क्या है?
भोजन के कार्बनिक अणुओं के विघटन से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है।
वायवीय श्वसन में ऑक्सीजन की उपस्थिति में ग्लूकोज़ का पूर्ण अपघटन होकर CO₂, H₂O और ऊर्जा बनती है।
Glucose + O₂ → CO₂ + H₂O + Energy
श्वसन से प्राप्त ऊर्जा शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाओं में उपयोग होती है।
प्रश्न 23. प्रतिवर्त क्रिया क्या है?
किसी उद्दीपन के प्रति होने वाली तेज, स्वतः तथा अनैच्छिक प्रतिक्रिया को प्रतिवर्त क्रिया कहते हैं।
उदाहरण: गर्म वस्तु को छूते ही हाथ पीछे खींच लेना।
इसमें receptor → sensory neuron → spinal cord → motor neuron → effector का मार्ग शामिल होता है, जिसे प्रतिवर्त चाप कहते हैं।
प्रश्न 24. न्यूरॉन की संरचना समझाइए।
न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है। इसके प्रमुख भाग हैं:
1. कोशिका काय: इसमें केंद्रक होता है।
2. डेंड्राइट: उद्दीपन को ग्रहण करते हैं।
3. ऐक्सॉन: तंत्रिका आवेग को आगे ले जाता है।
न्यूरॉनों के बीच संदेश synapse के माध्यम से आगे बढ़ता है।
प्रश्न 25. हार्मोन क्या हैं?
अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक पदार्थ हार्मोन कहलाते हैं। ये रक्त के माध्यम से लक्षित अंगों तक पहुँचकर शरीर की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
उदाहरण:
इंसुलिन — रक्त शर्करा नियंत्रण।
थायरॉक्सिन — चयापचय।
एड्रेनालिन — आपातकालीन प्रतिक्रिया।
प्रश्न 26. अलैंगिक एवं लैंगिक जनन में अंतर बताइए।
| अलैंगिक जनन |
लैंगिक जनन |
| सामान्यतः एक जनक |
नर एवं मादा युग्मकों की भूमिका |
| युग्मक संलयन नहीं |
युग्मक संलयन होता है |
| संतान सामान्यतः आनुवंशिक रूप से समान |
आनुवंशिक विविधता अधिक |
| प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल |
प्रक्रिया अपेक्षाकृत जटिल |
प्रश्न 27. मानव में निषेचन समझाइए।
मानव में निषेचन सामान्यतः अंडवाहिनी में होता है। शुक्राणु अंडाणु तक पहुँचकर उसकी बाहरी परत को पार करता है और एक शुक्राणु अंडाणु से संलयित होता है। नर और मादा नाभिकों के संलयन से द्विगुणित युग्मनज बनता है। यही युग्मनज विभाजित होकर भ्रूण में विकसित होता है।
प्रश्न 28. जीन क्या है?
DNA का वह विशिष्ट भाग जो किसी विशेष लक्षण या जैविक कार्य के लिए आनुवंशिक सूचना रखता है, जीन कहलाता है। जीन गुणसूत्रों पर स्थित होते हैं और वंशागति की मूल इकाई माने जाते हैं।
प्रश्न 29. मेंडल का एकसंकर प्रयोग समझाइए।
मेंडल ने लंबे पौधे (TT) और बौने पौधे (tt) का संकरण कराया।
P: TT × tt
F₁: सभी Tt — लंबे।
F₁ के स्वपरागण से:
Tt × Tt
प्राप्त जीनोटाइप:
TT : Tt : Tt : tt = 1 : 2 : 1
फीनोटाइपिक अनुपात:
3 लंबे : 1 बौना।
इससे प्रभुत्व और पृथक्करण के नियम की पुष्टि हुई।
प्रश्न 30. मानव में लिंग निर्धारण समझाइए।
मानव स्त्री में XX और पुरुष में XY लैंगिक गुणसूत्र होते हैं। स्त्री के सभी अंडाणु X-युक्त होते हैं, जबकि पुरुष दो प्रकार के शुक्राणु बनाता है—X और Y।
X शुक्राणु + X अंडाणु = XX (मादा)
Y शुक्राणु + X अंडाणु = XY (नर)
इसलिए संतान का आनुवंशिक लिंग पिता द्वारा दिए गए X या Y शुक्राणु पर निर्भर करता है।
प्रश्न 31. परावर्तन के नियम लिखिए।
परावर्तन के दो प्रमुख नियम हैं:
1. आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होते हैं।
2. आपतन कोण, परावर्तन कोण के बराबर होता है।
∠i = ∠r
प्रश्न 32. दर्पण सूत्र लिखिए।
गोलाकार दर्पण के लिए दर्पण सूत्र:
1/f = 1/v + 1/u
जहाँ f = focal length, v = image distance तथा u = object distance।
आवर्धन:
m = −v/u
प्रश्न 33. अपवर्तनांक क्या है?
निर्वात में प्रकाश की चाल और किसी माध्यम में प्रकाश की चाल के अनुपात को उस माध्यम का अपवर्तनांक कहते हैं।
n = c/v
जहाँ c = निर्वात में प्रकाश की चाल तथा v = माध्यम में प्रकाश की चाल।
प्रश्न 34. लेंस सूत्र और शक्ति लिखिए।
पतले लेंस के लिए:
1/f = 1/v − 1/u
लेंस की शक्ति:
P = 1/f
जहाँ f मीटर में है।
शक्ति का SI मात्रक डायोप्टर (D) है।
उत्तल लेंस की शक्ति धनात्मक तथा अवतल लेंस की शक्ति ऋणात्मक होती है।
प्रश्न 35. निकट दृष्टिदोष और दूर दृष्टिदोष में अंतर बताइए।
निकट दृष्टिदोष (Myopia): व्यक्ति पास की वस्तुओं को स्पष्ट देखता है लेकिन दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं। इसे concave lens से सुधारा जाता है।
दूर दृष्टिदोष (Hypermetropia): व्यक्ति दूर की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है लेकिन पास की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं दिखतीं। इसे convex lens से सुधारा जाता है।
प्रश्न 36. आकाश नीला क्यों दिखाई देता है?
वायुमंडल में उपस्थित छोटे कण सूर्य के प्रकाश का प्रकीर्णन करते हैं। छोटी तरंगदैर्ध्य वाला नीला प्रकाश लाल की तुलना में अधिक प्रकीर्णित होता है। हमारे नेत्रों तक नीला प्रकाश अधिक मात्रा में पहुँचने के कारण आकाश नीला दिखाई देता है।
प्रश्न 37. विद्युत धारा क्या है?
किसी चालक के अनुप्रस्थ काट से प्रति इकाई समय प्रवाहित होने वाले विद्युत आवेश को विद्युत धारा कहते हैं।
I = Q/t
इसका SI मात्रक एम्पियर (A) है।
प्रश्न 38. ओम का नियम लिखिए।
स्थिर तापमान पर किसी चालक में बहने वाली धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है।
V ∝ I
अतः
V = IR
जहाँ R चालक का प्रतिरोध है।
प्रश्न 39. प्रतिरोधों का Series एवं Parallel संयोजन समझाइए।
Series संयोजन:
तुल्य प्रतिरोध:
R = R₁+R₂+R₃
इसमें सभी प्रतिरोधों में धारा समान रहती है।
Parallel संयोजन:
1/R = 1/R₁+1/R₂+1/R₃
इसमें सभी शाखाओं पर विभवांतर समान रहता है।
प्रश्न 40. विद्युत शक्ति और ऊर्जा के सूत्र लिखिए।
विद्युत शक्ति:
P = VI = I²R = V²/R
विद्युत ऊर्जा:
W = Pt
व्यावहारिक रूप से विद्युत ऊर्जा को kWh में भी मापा जाता है।
प्रश्न 41. जूल का ऊष्मीय नियम लिखिए।
जब किसी प्रतिरोध में धारा बहती है तो विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदलती है। उत्पन्न ऊष्मा:
H = I²Rt
जहाँ I धारा, R प्रतिरोध तथा t समय है।
प्रश्न 42. चुंबकीय क्षेत्र क्या है?
चुंबक या धारावाही चालक के आसपास का वह क्षेत्र जिसमें चुंबकीय प्रभाव अनुभव किया जा सके, चुंबकीय क्षेत्र कहलाता है। इसकी दिशा और तीव्रता को चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं द्वारा दर्शाया जा सकता है।
प्रश्न 43. दायाँ हाथ अंगूठा नियम लिखिए।
यदि दाहिने हाथ के अंगूठे को सीधे धारावाही चालक में धारा की दिशा में रखा जाए, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।
प्रश्न 44. विद्युत मोटर का सिद्धांत समझाइए।
चुंबकीय क्षेत्र में रखी धारावाही कुंडली पर बल लगता है। कुंडली के दोनों भुजाओं पर विपरीत दिशाओं में लगने वाले बलों के कारण बल आघूर्ण उत्पन्न होता है और कुंडली घूमती है। split ring धारा की दिशा बदलता रहता है, जिससे कुंडली निरंतर घूमती रहती है। इसलिए विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है।
प्रश्न 45. विद्युतचुंबकीय प्रेरण क्या है?
किसी कुंडली या चालक से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होने पर उसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल या धारा उत्पन्न होने की घटना विद्युतचुंबकीय प्रेरण कहलाती है। यह विद्युत जनित्र और ट्रांसफॉर्मर जैसी युक्तियों का आधार है।
प्रश्न 46. पारितंत्र क्या है?
जीवित घटकों और उनके अजैविक पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रिया से बना एक कार्यात्मक तंत्र पारितंत्र कहलाता है।
इसके प्रमुख घटक हैं:
1. उत्पादक
2. उपभोक्ता
3. अपघटक
4. अजैविक घटक
प्रश्न 47. जैव अपघटनीय और अजैव अपघटनीय पदार्थों में अंतर बताइए।
जैव अपघटनीय: सूक्ष्मजीवों द्वारा आसानी से विघटित हो जाते हैं। उदाहरण—सब्जियों के अवशेष, कागज।
अजैव अपघटनीय: प्राकृतिक रूप से आसानी से विघटित नहीं होते। उदाहरण—प्लास्टिक, काँच।
अजैव अपघटनीय पदार्थों का अत्यधिक संचय पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
प्रश्न 48. खाद्य श्रृंखला समझाइए।
जीवों के बीच भोजन और ऊर्जा के क्रमिक स्थानांतरण की श्रृंखला खाद्य श्रृंखला कहलाती है।
उदाहरण:
घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज
ऊर्जा उत्पादकों से उपभोक्ताओं की ओर प्रवाहित होती है और प्रत्येक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा कम होती जाती है।
प्रश्न 49. ओजोन परत का महत्व बताइए।
वायुमंडल की ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों का अधिकांश भाग अवशोषित करती है। इससे मनुष्य, पशु, पौधे और अन्य जीव इन किरणों के हानिकारक प्रभावों से सुरक्षित रहते हैं। ओजोन परत का क्षय पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर समस्या है।
प्रश्न 50. विद्युत जनित्र का सिद्धांत और कार्य बताइए।
विद्युत जनित्र विद्युतचुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। जब कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो उससे संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स बदलता है और कुंडली में प्रेरित emf उत्पन्न होती है। इस प्रकार यांत्रिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
जनित्र में slip rings, brushes, armature और magnetic field का उपयोग किया जाता है।
परीक्षा में मॉडल उत्तर लिखने का तरीका:
2 अंक — परिभाषा + 2 मुख्य बिंदु/सूत्र।
3 अंक — परिभाषा + प्रक्रिया/कारण + उदाहरण।
4 अंक — परिचय + क्रमवार व्याख्या + समीकरण/चित्र + निष्कर्ष।
Numerical: Given → Formula → Substitution → Calculation → Unit → Final Answer.
अंतिम रिवीजन के लिए सबसे महत्वपूर्ण: रासायनिक समीकरण, pH एवं लवण, अभिक्रियाशीलता श्रेणी, कार्बन यौगिक, पाचन-परिसंचरण-उत्सर्जन, न्यूरॉन एवं हार्मोन, जनन एवं आनुवंशिकता, दर्पण-लेंस सूत्र, मानव नेत्र, विद्युत के numericals, मोटर/जनित्र तथा पर्यावरण के diagram अवश्य दोहराएँ।
कक्षा 10वीं विज्ञान — अंतिम रिवीजन चार्ट
रसायन विज्ञान
अभिक्रियाएँ • अम्ल/क्षार • धातु • कार्बन • समीकरण
जीव विज्ञान
जैव प्रक्रम • नियंत्रण • जनन • आनुवंशिकता
भौतिक विज्ञान
दर्पण • लेंस • मानव नेत्र • विद्युत • चुंबकीय प्रभाव
पर्यावरण
पारितंत्र • खाद्य श्रृंखला • जैव अपघटन • ओजोन
परीक्षा से पहले अवश्य करें
- रासायनिक समीकरणों को संतुलित करने का अभ्यास करें।
- अम्ल, क्षार, लवण और pH के महत्वपूर्ण तथ्य याद करें।
- धातु-अधातु की तुलना तथा प्रमुख अभिक्रियाएँ तैयार करें।
- कार्बन यौगिकों में प्रकार्यात्मक समूह और मुख्य अभिक्रियाएँ दोहराएँ।
- पाचन, श्वसन, परिसंचरण और उत्सर्जन के diagrams अभ्यास करें।
- न्यूरॉन और reflex arc की labelled figure तैयार करें।
- अलैंगिक/लैंगिक जनन तथा मानव जनन तंत्र दोहराएँ।
- मेंडल का cross तथा 3:1 अनुपात याद करें।
- दर्पण और लेंस के formula तथा sign convention पक्का करें।
- Myopia, Hypermetropia और उनके correction के lens याद करें।
- V=IR, P=VI, H=I²Rt तथा series/parallel numericals करें।
- विद्युत मोटर, जनित्र और चुंबकीय क्षेत्र के नियम तैयार करें।
- खाद्य श्रृंखला, खाद्य जाल तथा ओजोन परत के प्रश्न तैयार करें।
- 2 अंक के प्रश्नों में परिभाषा + 2 बिंदु लिखें।
- 3 अंक में परिभाषा + प्रक्रिया/तीन मुख्य बिंदु दें।
- 4 अंक के प्रश्न में पूरा वर्णन, समीकरण/सूत्र एवं निष्कर्ष दें।
- Numerical में सूत्र → मान रखना → गणना → इकाई → उत्तर अवश्य लिखें।
अंतिम रणनीति: विज्ञान में केवल पाठ पढ़ना पर्याप्त नहीं है। रासायनिक समीकरण + diagrams + formulas + numericals + definitions + कारण/अंतर वाले प्रश्न को बार-बार लिखकर अभ्यास करें। इससे वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक दोनों प्रकार के प्रश्नों की तैयारी मजबूत होगी।
1. अध्ययन एवं अभ्यास उद्देश्य: इस पोस्ट में दी गई अंक योजना (Blueprint), पाठ्यक्रम, AI-जनरेटेड सरल नोट्स तथा अभ्यास प्रश्नोत्तर माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्यप्रदेश (MPBSE) सत्र 2026-27 के नवीनतम दिशा-निर्देशों एवं NCERT पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों के स्व-अध्ययन, पुनरावलोकन और परीक्षा अभ्यास के लिए तैयार किए गए हैं।
2. प्रश्नोत्तर एवं संभावित प्रश्न: पोस्ट में शामिल सभी वस्तुनिष्ठ, लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर केवल मॉडल/अभ्यास प्रश्न (Practice Questions) हैं। यह बोर्ड परीक्षा का कोई आधिकारिक प्रश्नपत्र नहीं है और न ही परीक्षा में हूबहू यही प्रश्न पूछे जाने का कोई दावा किया जाता है।
3. उत्तरों का सत्यापन: यद्यपि सभी उत्तरों, सूत्रों एवं रासायनिक समीकरणों को सटीक और त्रुटिरहित रखने का पूर्ण प्रयास किया गया है, फिर भी विद्यार्थी किसी भी तकनीकी या तथ्यात्मक संदेह की स्थिति में अपनी अधिकृत NCERT पाठ्यपुस्तकों तथा विषय शिक्षकों के मार्गदर्शन को ही अंतिम व सर्वमान्य आधार मानें।
4. आधिकारिक सूचना: परीक्षा कार्यक्रम, आंतरिक मूल्यांकन/प्रायोगिक परीक्षा, अंक योजना में किसी भी संभावित संशोधन अथवा आधिकारिक विज्ञप्ति के लिए सदैव माध्यमिक शिक्षा मण्डल, म.प्र. की आधिकारिक वेबसाइट (`mpbse.nic.in`) पर जारी निर्देशों को ही अधिकृत माना जाए।